सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की बैठक मुजफ्फरपुर के मालीघाट में हुई। बैठक में बताया गया कि दिल्ली के गांधी आश्रम, किंग्सवे कैंप में हरिजन सेवक संघ के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित दो दिवसीय ‘सद्भावना सम्मेलन’ में ‘लीचिया लाले लाल’ की प्रस्तुति हुई और पुस्तक भेंट की गई। सम्मेलन का विषय ‘राष्ट्र के लिए युवा’ था।
सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की सोमवार को मालीघाट, मुजफ्फरपुर में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता संस्थान की संरक्षक एवं वरिष्ठ कठपुतली कलाकार कांता देवी ने की। बैठक में फाउंडेशन के सचिव एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने दिल्ली के किंग्सवे कैंप स्थित गांधी आश्रम में आयोजित दो दिवसीय ‘सद्भावना सम्मेलन’ की जानकारी दी।
सुनील कुमार के अनुसार, इस सम्मेलन में ‘लीचिया लाले लाल’ की प्रस्तुति की गई और पुस्तक भेंट की गई। महात्मा गांधी द्वारा वर्ष 1932 में स्थापित हरिजन सेवक संघ स्थापना काल से सामाजिक समानता, सांप्रदायिक सद्भाव, अस्पृश्यता-निवारण, शिक्षा, ग्रामीण विकास, स्वावलंबन, मानवीय गरिमा और शांति के क्षेत्र में कार्य करता रहा है।

सम्मेलन का विषय और सत्र
हरिजन सेवक संघ के 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का केंद्रीय विषय “राष्ट्र के लिए युवा” रखा गया था। सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा, विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी एवं शोधार्थी, गांधीवादी चिंतक, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभिन्न सत्रों में राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की भूमिका, गांधीवादी मूल्यों की प्रासंगिकता तथा देश-दुनिया के प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के कृतित्व पर विचार-विमर्श किया गया।
सुनील कुमार ने बताया कि 24 सितंबर का दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है। वर्ष 1932 में इसी दिन महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के बीच ऐतिहासिक पूना पैक्ट हुआ था। इसी ऐतिहासिक दिवस के अवसर पर हरिजन सेवक संघ का 94वाँ स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया।
गांधी आश्रम, किंग्सवे कैंप, दिल्ली में आयोजित समारोह की अध्यक्षता हरिजन सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. शंकर कुमार सान्याल ने की। समारोह का शुभारंभ दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू द्वारा किया गया। समारोह का उद्देश्य गांधीजी के विचारों, सामाजिक समरसता, सेवा, सद्भाव तथा युवाओं की रचनात्मक भागीदारी के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुँचाना रहा।

पुस्तक भेंट और लोक संस्कृति
इस अवसर पर सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से हरिजन सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. शंकर कुमार सान्याल, उपाध्यक्ष श्री नरेश यादव (पूर्व सांसद) तथा श्री वाल्मीकि प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, अखिल भारतीय पंचायत परिषद को मुजफ्फरपुर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी पुस्तक ‘लीचिया लाले लाल’ (लीची गीत संग्रह) भेंट की गई। इस अवसर पर मुख्य रूप से बिहार के विकास पथ विक्रम, पटना के संस्थापक सचिव सतेंद्र कुमार शांडिल्य, जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, समस्तीपुर के सचिव सुरेंद्र कुमार उपस्थित थे।
‘लीचिया लाले लाल’ के माध्यम से मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध लीची, स्थानीय लोक संस्कृति और लोकगीतों को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल लोक परंपराओं, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
सुनील कुमार ने कहा कि लोकगीत और लोक कलाएँ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समाज की स्मृतियों, परंपराओं, प्रकृति और स्थानीय जीवनशैली को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे सांस्कृतिक प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।







