मुजफ्फरपुर, सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन में आयोजित बैठक में बक्सर, डुमरांव दो दिवसीय जनजागरूकता पदयात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। इस अवसर पर कठपुतली कलाकार सुनील कुमार को पर्यावरण संरक्षण, अंगदान, देहदान और नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही ‘लीचीया लाले लाल’ गीत संग्रह का लोकार्पण भी किया गया।
मुजफ्फरपुर के मालीघाट स्थित सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन कार्यालय में सोमवार को संरक्षक एवं वरिष्ठ कठपुतली कलाकार कांता देवी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 और 2 अगस्त 2026 को बक्सर से डुमरांव तक आयोजित पर्यावरण सुरक्षा, अंगदान, देहदान एवं नेत्रदान जनजागरूकता पदयात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की गई।
यह पदयात्रा दधीचि देहदान समिति, बक्सर, आसा पर्यावरण सुरक्षा बिहार, शिका फाउंडेशन ट्रस्ट, बक्सर, भारत ज्ञान विज्ञान समिति, बक्सर तथा पीपल-नीम-तुलसी अभियान, पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। सुनील कुमार से बात चीत के अनुसार, अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, अंगदान, देहदान और नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
प्रतीकात्मक पदयात्रा से दिया गया नेत्रदान का संदेश
सुनील कुमार के मुताबिक, पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक यात्रा निकाली और नेत्रदान के महत्व का संदेश दिया। अभियान के दौरान सैकड़ों लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, अंगदान और देहदान के प्रति संकल्प भी लिया।
यात्रा का पहला चरण बक्सर से शुरू होकर उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिलहरी (डुमरांव) तक पहुंचा। दूसरे दिन चिलहरी से निकली पदयात्रा गोपालडेरा, नवाडेरा और पुराना भोजपुर होते हुए डुमरांव पहुंची। पुराना भोजपुर मध्य विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया, जबकि महारानी उषारानी प्लस टू उच्च विद्यालय, डुमरांव में विचार गोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1942 के अमर स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

प्रतिभागियों का सम्मान, गीत संग्रह का हुआ लोकार्पण
कार्यक्रम में पदयात्रा से जुड़े प्रतिभागियों को दधीचि देहदान समिति की अध्यक्ष मीना सिंह, पीपल-नीम-तुलसी अभियान के संस्थापक डॉ. धर्मेंद्र कुमार तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति की सचिव अनीता यादव ने प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इसी अवसर पर मुजफ्फरपुर के कठपुतली कलाकार सुनील कुमार (सुनील सरला) को पर्यावरण संरक्षण, अंगदान, देहदान एवं नेत्रदान के प्रति कला और लोकगीतों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने में योगदान के लिए शिका फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष विवेक कुमार, आसा पर्यावरण सुरक्षा बिहार के शिक्षक संयोजक विपिन कुमार, भारत ज्ञान विज्ञान समिति की सचिव अनीता यादव, पीपल-नीम-तुलसी अभियान के संस्थापक डॉ. धर्मेंद्र कुमार तथा दधीचि देहदान समिति की अध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन नगर परिषद, बक्सर मीना सिंह ने अंगवस्त्र और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
बैठक के दौरान ‘लीचीया लाले लाल’ (लीची गीत संग्रह) का लोकार्पण भी किया गया। अंत में उपस्थित लोगों से अधिकाधिक वृक्ष लगाने, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने तथा अंगदान, नेत्रदान और देहदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया गया।







