एक बीमारी, कई कमरे: भोपाल AIIMS नेत्र विभाग में मरीजों ने असंतोष जताया

भोपाल, 3 अगस्त। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भोपाल के नेत्र विभाग में इलाज कराने आए कुछ मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया। उनका आरोप है कि एक ही समस्या के समाधान के लिए उन्हें कई कमरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

मरीज बोले: एक ही समस्या के लिए कई कमरों में भेजा गया

मरीजों का आरोप है कि सुबह करीब 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक अस्पताल परिसर में इंतजार करने के बाद भी उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि उनकी जांच उसी दिन हो पाएगी या नहीं। कुछ मरीजों ने बताया कि एक ही समस्या के लिए उन्हें छह से आठ कमरों के चक्कर लगाने पड़े। उनके अनुसार, अस्पताल के अलग-अलग सहायक कर्मचारियों ने उन्हें कई बार देखकर अलग-अलग कमरों में भेजा, जिससे उपचार प्रक्रिया लंबी हुई।

अस्पताल परिसर में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में मरीज अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए, जबकि कई मरीज और उनके परिजन घंटों तक अस्पताल परिसर में बैठे रहे। वहीं, अस्पताल परिसर में ऐसे भी कई मरीज और उनके परिजन दिखाई दिए जो दूसरे शहरों से इलाज कराने आए थे। कुछ लोगों ने बताया कि लंबी प्रतीक्षा के कारण उन्हें अस्पताल परिसर में ही अस्थायी रूप से रुककर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था तथा वहीं खाने-पीने और आराम की व्यवस्था करनी पड़ रही थी।

प्रक्रिया को लेकर मरीजों में असंतोष, कई चरणों में उपचार का दावा

एक मरीज ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, AIIMS छोड़कर बाहर किसी प्राइवेट डॉक्टर को दो-तीन सौ रुपये दे दो तो वह अकेले बीमारी देख लेता है। यहां एक ही समस्या के लिए कई कमरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, कुछ मरीजों का यह भी कहना था कि अस्पताल में प्रशिक्षणरत (रेजिडेंट) डॉक्टरों के साथ उपचार की प्रक्रिया कई चरणों में होती है। उनके अनुसार, इसी वजह से उन्हें अलग-अलग कमरों में जाना पड़ता है।

कई कमरों में भेजने पर सहायक का जवाब

जब विभाग के एक सहायक से इस व्यवस्था का कारण पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि एक ही समस्या के लिए मरीजों को कई कमरों में क्यों भेजा जाता है, तो उन्होंने जवाब दिया, यह सरकारी अस्पताल है। यहां विभाग अलग-अलग हैं, रिपोर्ट में शामिल तथ्य मौके पर मौजूद मरीजों के कथनों और प्रत्यक्ष अवलोकन पर आधारित हैं।

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  • मैं अनामिका गुप्ता, एक पत्रकार हूँ। पिछले 5 वर्षों में मैंने ब्रेकिंग, राजनीति, अपराध, सामाजिक, मनोरंजन, टेक्नोलोजी, विज्ञान, वित्त एवं निवेश और प्रौद्योगिकी मुद्दों और फीचर स्टोरीज़, हर विधा में काम किया है। जटिल मामलों को सरल भाषा में समझाना मेरी कला है और निष्पक्ष रिपोर्टिंग मेरी पहचान। इस वेबसाइट पर मैं पाठकों तक सच्चाई पहुँचाने का काम करती हूँ।

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