कानपुर: खेतों में झोपड़ी बनाकर चलाते थे ठगी, 20 युवक गिरफ्तार
कानपुर। पुलिस ने घाटमपुर क्षेत्र के रेउना में खेतों में बनी झोपड़ियों से साइबर ठगी करने वाले 20 युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी या बैंक कर्मचारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करते थे। गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपियों की शैक्षणिक योग्यता 5वीं, 8वीं और 11वीं कक्षा तक है।
"प्रतीकात्मक फोटो:
पुलिस के अनुसार, ये युवक रेउना थाना क्षेत्र के रठिगांव, लक्ष्मणपुर, समाज नगर, बड़ेला और आदिगांव गांवों में खेतों और बगीचों में बनी छोटी-छोटी झोपड़ियों से अपना नेटवर्क चलाते थे। सुबह होते ही ये युवक यहां इकट्ठा हो जाते थे और देशभर के लोगों को फोन करके ठगी करते थे। पुलिस को पहले से सूचना मिल रही थी कि यह इलाका साइबर ठगी का हॉटस्पॉट बन चुका है। इसके बाद सिविल ड्रेस में पुलिस टीम ने पहले इलाके का जायजा लिया और फिर यह बड़ी कार्रवाई की गई।
कैसे करते थे ठगी?
आरोपी अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसा देते थे:
कभी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराते थे
कभी बैंक लोन के नाम पर झांसा देते थे
तो कभी सरकारी योजनाओं का हवाला देकर लोगों से पैसे ऐंठ लेते थे
एक अधिकारी के अनुसार, ये युवक एक ही फोन कॉल से लाखों रुपये कमा लेते थे। हैरानी की बात यह है कि इनमें से अधिकांश की पढ़ाई-लिखाई बहुत कम है, लेकिन ये बड़ी चालाकी से ठगी को अंजाम दे रहे थे।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने सभी 20 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुटी है। इस पूरे ऑपरेशन को 'मिनी जामताड़ा' के रूप में भी जाना जा रहा है, क्योंकि यह गिरोह झारखंड के जामताड़ा की तर्ज पर काम कर रहा था।
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