इज़राइल की जेलों में ईरान समर्थन दिखाने वाले कैदियों के लिए सख्त नीति लागू कर दी गई है। इज़राइल प्रिजन सर्विस के कमिश्नर मेजर जनरल कोबी याकोबी ने निर्देश दिया है कि जो भी आपराधिक कैदी (criminal prisoners) ईरान का समर्थन जताएंगे या उसके पक्ष में बयान देंगे, उन्हें अब सुरक्षा कैदी (security prisoners) की कैटेगरी में डाल दिया जाएगा।
सुरक्षा कैदियों पर ज्यादा कड़े नियम लागू होते हैं—जैसे सख्त निगरानी, कम सुविधाएं, अलग सेल व्यवस्था और अन्य प्रतिबंध। जेल गार्ड अब ऐसे बयानों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमर बेन-ग्विर के करीबी सूत्रों ने कहा है: "पुलिस मस्जिदों या मिश्रित शहरों में राज्य-विरोधी उकसावे की इजाजत नहीं देगी। जेलों में भी गार्ड तैयार हैं और ईरान समर्थन जताने वालों के खिलाफ फौरन एक्शन लेंगे। ईरान समर्थन के लिए शून्य सहनशीलता है—हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
पुलिस कमिश्नर डैनी लेवी और प्रिजन कमिश्नर के साथ मिलकर यह नीति लागू की जा रही है। मिश्रित शहरों में मस्जिदों के आसपास पुलिस और बॉर्डर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है, क्योंकि इमामों द्वारा ईरान समर्थक संदेश फैलाने की आशंका है।
यह कदम इज़राइल-ईरान तनाव के बीच सुरक्षा को प्राथमिकता देने और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है। जेलों में ऐसे बयानों को अब गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है, जिससे कैदियों की स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है।

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