बुधवार, 31 दिसंबर 2025

भोपाल की ताजा खबर - स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

ठंड बढ़ने के साथ-साथ सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से कहा है कि:

किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करे, समय पर डॉक्टर से परामर्श ले, बुजुर्ग और बच्चे खास ध्यान रखें l

भोपाल की ताजा खबर - स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

डबल निमोनिया की चेतावनी — अस्पतालों में भीड़ बढ़ी

सोमवार, 29 दिसंबर 2025

From Hindi Theatre to International Film Festivals: The Creative Journey of Firoz Darwish

Firoz Darwish began his acting career in 2012 through Hindi theatre, where he developed a strong foundation in performance and storytelling. From the very beginning, theatre was not just a medium for him but a disciplined art form that shaped his understanding of acting, expression, and social consciousness. Over the years, he has performed in several national and international stage productions in Hindi, Bhojpuri, and Bajjika languages, establishing himself as a versatile and committed theatre artist.

From Hindi Theatre to International Film Festivals: The Creative Journey of Firoz Darwish

His major theatre works include Babasaheb Ambedkar, Kala Handi, Deemak Ke Daant, Ram Leela, Nasha, Jogira, Ek Sawaal, Ta Mein Ek Aitihas, Space, Khamosh Juloos, Kafan, Hirdesha, Hamlet, and Rani Durgavati. Through these productions, Firoz has portrayed a wide range of characters rooted in social, historical, and human realities. Alongside stage acting, he has also worked extensively in mime theatre, which further strengthened his command over body language and non-verbal expression.

From Hindi Theatre to International Film Festivals: The Creative Journey of Firoz Darwish

In addition to theatre, Firoz Darwish has made a notable mark in short films. As an actor, he has appeared in Zero Stress, Paisa, and Chor, delivering impactful performances in significant roles. His transition from stage to screen reflects the depth and discipline he gained from theatre, allowing him to adapt naturally to the camera.

From Hindi Theatre to International Film Festivals: The Creative Journey of Firoz Darwish

Beyond acting, Firoz has independently explored multiple creative roles, including writing, directing, editing, and cinematography. He has worked on several short films such as Fresher, Truth of Death, Bhram, Ghatna, Dream Mobile, Pind, and The Black Love. These projects highlight his interest in meaningful storytelling and his ability to handle cinema as a complete creative process.

From Hindi Theatre to International Film Festivals: The Creative Journey of Firoz Darwish

His short films have been officially screened at various national and international film festivals, including the 11th Khajuraho International Film Festival 2025, Amandar International Film Festival, Nepal Wings International Film Festival, Nagaland International Film Festival, Global Cine Award International Film Festival, and One Leaf International Film Festival. These selections reflect the growing recognition of his work on wider platforms.

Currently, Firoz Darwish is actively engaged in developing films based on new, original, and impactful stories. Academically, he completed his higher secondary education in Science and later earned a Bachelor’s degree in Arts.

With consistent practice, creative honesty, and a passion for learning, Firoz Darwish continues to build his presence as a sensitive and responsible artist in theatre and independent cinema.


प्रयाग साहू: समकालीन रंगमंच से सिनेमा तक एक संवेदनशील कलाकार की यात्रा

 समकालीन रंगमंच के सशक्त कलाकारों में प्रयाग साहू का नाम निरंतर मजबूती के साथ उभर रहा है। उन्होंने थिएटर को केवल कला के रूप में नहीं, बल्कि अनुशासन, विचार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जिया है। अभिनय के क्षेत्र में उनकी यात्रा वर्ष 2008 से शुरू हुई, जो आज भी सक्रिय और प्रगतिशील रूप में जारी है।

थिएटर आर्टिस्ट और फिल्म अभिनेता के रूप में प्रयाग साहू ने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। अभिनय के साथ-साथ लेखन और निर्देशन की समझ ने उनके कला-पथ को और भी व्यापक बनाया। उन्होंने कई नाटकों में मुख्य भूमिकाएँ निभाईं और भोपाल के लगभग सभी प्रमुख रंगमंच निर्देशकों के साथ काम किया। वर्ष 2024 में उन्होंने निर्देशन की कमान भी संभाली, जिससे उनके रचनात्मक विस्तार को नई दिशा मिली।

प्रयाग साहू: समकालीन रंगमंच से सिनेमा तक एक संवेदनशील कलाकार की यात्रा

फिल्म और शॉर्ट फिल्मों में प्रयाग साहू का अभिनय थिएटर से मिली इसी गहराई का परिणाम है। कैमरे के सामने उनका अभिनय संयमित, वास्तविक और प्रभावशाली दिखाई देता है। उनका मानना है कि थिएटर ने उन्हें किरदार को भीतर से समझना सिखाया, जबकि सिनेमा ने उसी किरदार को सूक्ष्मता और संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त करने का अवसर दिया। इसी क्रम में उनके द्वारा अभिनीत कई शॉर्ट फिल्में प्रदेश, देश और विदेश के प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में प्रदर्शित हो चुकी हैं।

प्रयाग साहू का उद्देश्य केवल अभिनय तक सीमित नहीं है। वे ऐसे थिएटर और सिनेमा कार्यों में विश्वास करते हैं जो हर पीढ़ी को जोड़ सकें—जहाँ मनोरंजन के साथ विचार और संवेदना भी मौजूद हो।

प्रयाग साहू: समकालीन रंगमंच से सिनेमा तक एक संवेदनशील कलाकार की यात्रा

लगातार अभ्यास, ईमानदार दृष्टिकोण और सीखने की जिज्ञासा के साथ प्रयाग साहू रंगमंच और सिनेमा—दोनों क्षेत्रों में एक संवेदनशील, जिम्मेदार और प्रतिबद्ध कलाकार के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

लोकेश गौतम: स्कूल से राष्ट्रीय मंच तक, नृत्य की दुनिया में एक प्रेरणादायक सफर

लोकेश गौतम: स्कूल से राष्ट्रीय मंच तक, नृत्य की दुनिया में एक प्रेरणादायक सफर

 भोपाल। नृत्य की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके लोकेश गौतम का सफर आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। उन्होंने अपने डांस करियर की शुरुआत साल 2009 में स्कूल के दिनों से की थी। लगातार मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने न सिर्फ खुद को साबित किया, बल्कि सैकड़ों कलाकारों को मंच तक पहुंचाया।

लोकेश गौतम ने देश के प्रतिष्ठित डांस रियलिटी शो डांस इंडिया डांस में भाग लेते हुए ऑल इंडिया टॉप 100 रैंक हासिल की थी, जिसने उनके करियर को एक नई दिशा दी।

लोकेश गौतम: स्कूल से राष्ट्रीय मंच तक, नृत्य की दुनिया में एक प्रेरणादायक सफर

इसके बाद उन्होंने मुंबई में एक प्रोफेशनल डांस टीचर और कोरियोग्राफर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने देश के जाने-माने डांस संस्थानों के साथ काम किया, जिनमें
सरोज खान डांस इंस्टीट्यूट,
शियामक डावर डांस कंपनी,
और जय कुमार नायर डांस इंस्टीट्यूट प्रमुख हैं।

लोकेश गौतम ने कई लोकप्रिय रियलिटी शोज़ में भी प्रतिभाओं को ट्रेनिंग दी है, जिनमें
झलक दिखला जा (सीजन 5),
स्प्लिट्सविला सीजन 2,
और दूरदर्शन भोपाल का ‘झिलमिल सितारे’ कार्यक्रम शामिल है।

इतना ही नहीं, उन्होंने टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के कई चर्चित कलाकारों को भी डांस की ट्रेनिंग दी है। इनमें

अक्षय कुमार,
माधुरी दीक्षित,
दर्शील सफारी,
उल्का गुप्ता,
और दिव्येंदु जैसे नाम शामिल हैं। इनके अलावा भी कई कलाकार उनकी कोरियोग्राफी से जुड़े रहे हैं।

वर्तमान में डेल टाउन डांस कंपनी के माध्यम से लोकेश गौतम अब तक 20 हजार से अधिक छात्रों को डांस की ट्रेनिंग दे चुके हैं। उनके द्वारा प्रशिक्षित छात्र आज भारत के विभिन्न बड़े राज्यों में डांस टीचर और कोरियोग्राफर के रूप में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

लोकेश गौतम का यह सफर यह साबित करता है कि अगर जुनून सच्चा हो और मेहनत लगातार की जाए, तो छोटे शहर से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

डबल निमोनिया की चेतावनी — अस्पतालों में भीड़ बढ़ी

डबल निमोनिया की चेतावनी — अस्पतालों में भीड़ बढ़ी

 कड़ाके की सर्दी और बढ़ते प्रदूषण के कारण डबल निमोनिया (दोनों फेफड़ों में संक्रमण) के मरीज ज़्यादा आ रहे हैं।

अस्पतालों में आगंतुकों की संख्या 25% बढ़ी।
कई स्वास्थ्य केंद्रों में पल्मोनरी वार्ड में बिस्तरों की कमी।
डॉक्टर्स ने वक्त रहते पूरा इलाज कराने और दवाइयाँ पूरी लेने की सलाह दी है।
डबल निमोनिया की चेतावनी — अस्पतालों में भीड़ बढ़ी

रविवार, 28 दिसंबर 2025

भोपाल की उभरती अभिनेत्री पूनम पटेल ने थिएटर से फिल्म तक बनाया अपना सफर

 भोपाल।

अभिनय की दुनिया में मेहनत और लगन से अपनी पहचान बना रहीं पूनम पटेल आज भोपाल की उभरती हुई अभिनेत्रियों में गिनी जा रही हैं। मूल रूप से अमरवाड़ा से ताल्लुक रखने वाली पूनम पटेल को बचपन से ही अभिनय में गहरी रुचि थी। अपने सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने भोपाल आकर थिएटर और अभिनय की विधिवत शुरुआत की।

भोपाल की उभरती अभिनेत्री पूनम पटेल ने थिएटर से फिल्म तक बनाया अपना सफर

पूनम पटेल पिछले एक वर्ष से थिएटर से जुड़ी हुई हैं और इसके साथ ही उन्होंने MPFTI (मध्य प्रदेश फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान) से अभिनय का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। थिएटर के मंच से लेकर कैमरे तक, उन्होंने अपने अभिनय कौशल को लगातार निखारा है।

फिल्मी क्षेत्र में पूनम पटेल ने शॉर्ट फिल्म ‘भ्रम’ और ‘वसीयत’ में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड–साउथ हिंदी फिल्म ‘भैरवी’ में भी एक बड़े और प्रभावशाली किरदार में काम किया है, जिसे दर्शकों और इंडस्ट्री से सराहना मिली।

शैक्षणिक रूप से पूनम पटेल ने अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है और वर्तमान में वे BPA (बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स) की पढ़ाई कर रही हैं। शिक्षा और कला के संतुलन के साथ वे अपने अभिनय करियर को मजबूती दे रही हैं।

थिएटर के क्षेत्र में भी पूनम पटेल का अनुभव काफी व्यापक रहा है। उन्होंने पटना, महाराष्ट्र, रीवा और भोपाल जैसे शहरों में कई नाट्य प्रस्तुतियों में हिस्सा लिया है, जिससे उन्हें मंचीय अभिनय का समृद्ध अनुभव प्राप्त हुआ।

पूनम पटेल का मानना है कि थिएटर ही अभिनय की असली पाठशाला है, जिसने उन्हें आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की सच्ची ताकत दी। आने वाले समय में वे फिल्मों और वेब माध्यमों में और भी सशक्त भूमिकाएँ निभाने की तैयारी में हैं।

Independent Filmmaker Firoz Darwish Making His Mark with Low-Budget Short Films

बुधवार, 17 दिसंबर 2025

Independent Filmmaker Firoz Darwish Making His Mark with Low-Budget Short Films

Firoz Darwish is an independent filmmaker, actor, writer, and director based in India. Coming from a creative background, he has worked on multiple short films where he handled writing, direction, shooting, and editing himself.

Firoz Darwish gained recognition after his short films were selected at film festivals, reflecting his focus on storytelling with limited resources. His work mainly explores realistic themes, suspense, and human emotions.

Despite working with low budgets, his films have found space at film festivals and on digital platforms like YouTube, where he continues to share his creative projects. Firoz Darwish represents the new generation of independent creators who focus on skill and storytelling rather than big production setups.

List of film -

Fresher 

Truth of death 

Bhram 

Ghatna 

Dream mobile 

Pind

The black love