कड़ाके की सर्दी और बढ़ते प्रदूषण के कारण डबल निमोनिया (दोनों फेफड़ों में संक्रमण) के मरीज ज़्यादा आ रहे हैं।
अस्पतालों में आगंतुकों की संख्या 25% बढ़ी।कई स्वास्थ्य केंद्रों में पल्मोनरी वार्ड में बिस्तरों की कमी।
डॉक्टर्स ने वक्त रहते पूरा इलाज कराने और दवाइयाँ पूरी लेने की सलाह दी है।

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