प्रयाग साहू: समकालीन रंगमंच से सिनेमा तक एक संवेदनशील कलाकार की यात्रा
समकालीन रंगमंच के सशक्त कलाकारों में प्रयाग साहू का नाम निरंतर मजबूती के साथ उभर रहा है। उन्होंने थिएटर को केवल कला के रूप में नहीं, बल्कि अनुशासन, विचार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जिया है। अभिनय के क्षेत्र में उनकी यात्रा वर्ष 2008 से शुरू हुई, जो आज भी सक्रिय और प्रगतिशील रूप में जारी है। थिएटर आर्टिस्ट और फिल्म अभिनेता के रूप में प्रयाग साहू ने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। अभिनय के साथ-साथ लेखन और निर्देशन की समझ ने उनके कला-पथ को और भी व्यापक बनाया। उन्होंने कई नाटकों में मुख्य भूमिकाएँ निभाईं और भोपाल के लगभग सभी प्रमुख रंगमंच निर्देशकों के साथ काम किया। वर्ष 2024 में उन्होंने निर्देशन की कमान भी संभाली, जिससे उनके रचनात्मक विस्तार को नई दिशा मिली। फिल्म और शॉर्ट फिल्मों में प्रयाग साहू का अभिनय थिएटर से मिली इसी गहराई का परिणाम है। कैमरे के सामने उनका अभिनय संयमित, वास्तविक और प्रभावशाली दिखाई देता है। उनका मानना है कि थिएटर ने उन्हें किरदार को भीतर से समझना सिखाया, जबकि सिनेमा ने उसी किरदार को सूक्ष्मता और संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त करने का अवसर दिया। इसी क्रम में उन...