दिल्ली की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा (33) की मौत के मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। एजेंसी ने अपनी एक टीम भोपाल भेज दी है और जल्द ही राज्य पुलिस की जांच से जुड़े दस्तावेज और सबूत अपने हाथ में ले लेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने की स्वत: संज्ञान में सुनवाई
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की स्वत: संज्ञान के तहत सुनवाई की। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र और तटस्थ जांच होनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार और आरोपी सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने के बजाय जांच एजेंसी के सामने अपनी बात रखें, ताकि जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
राज्य सरकार ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश
मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को इस मामले में केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को भरोसा दिया कि वे अधिकारियों से बात करेंगे ताकि जल्द से जल्द सीबीआई मामले को टेकओवर कर सके।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज हैं ये धाराएं
ट्विशा के पति समर्थ सिंह, सास और रिटायर्ड न्यायाधीश गिरीबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज प्रताड़ना की धाराएं जोड़ी गई हैं। परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं, ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा ड्रग एडिक्ट थीं, जबकि ट्विशा के परिवार ने पति समर्थ को ड्रग एडिक्ट बताया है।
फंदे से मिला था शव, दूसरा पोस्टमार्टम हुआ
गौरतलब है कि ट्विशा का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल से फंदे पर लटका मिला था। इससे पहले भोपाल एम्स में हुए पोस्टमार्टम पर परिजनों ने एतराज जताया था। इसके बाद रविवार को दिल्ली एम्स से भोपाल पहुंची चार डॉक्टरों की टीम ने दूसरा पोस्टमार्टम किया। परिवार का कहना है कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की हाइट गलत दर्ज की गई है, जिससे संदेह पैदा होता है।