मुजफ्फरपुर के मालीघाट में आयोजित ‘नाट्य संवाद’ कार्यक्रम में वरिष्ठ रंगकर्मी कामेश्वर प्रसाद दिनेश की अध्यक्षता में 77 वर्षीय अभिनेता अरुण कुमार वर्मा को रंगमंच में 47 वर्षों के योगदान के लिए सम्मानित किया गया। 500 से अधिक मंच प्रस्तुतियाँ दे चुके वर्मा ने ‘मशीन’ से अपनी यात्रा शुरू की थी।
सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से मालीघाट स्थित चूना भट्टी रोड पर ‘नाट्य संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी कामेश्वर प्रसाद दिनेश की अध्यक्षता में बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा ‘विकल्प’ की मालीघाट इकाई के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नाट्य अभिनेता अरुण कुमार वर्मा को सम्मानित किया गया।
रंगमंच में 47 वर्षों की लंबी यात्रा
जानकारी के अनुसार, 77 वर्षीय अरुण कुमार वर्मा, मीठनपुरा (पी एंड टी कॉलोनी के पीछे), मुजफ्फरपुर के निवासी हैं। वे मुखर्जी सेमिनरी तथा एल.एस. कॉलेज के पूर्व छात्र हैं और लगभग 29 वर्ष की आयु से रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने नाट्य जीवन में 500 से अधिक मंच प्रस्तुतियाँ दी हैं, सम्मान समारोह में वर्मा को अंगवस्त्र तथा ‘लीचीया लाले लाल’ पुस्तक भेंट कर उनके योगदान को सराहा गया। उन्होंने ‘मशीन’ नाटक से अपने रंगमंचीय सफर की शुरुआत की थी।
चर्चित नाटकों में अभिनय
अरुण कुमार वर्मा ने गाँव से शहर तक में मुख्य भूमिका, समरथ को नहीं दोष गोसाई में जमुरा का किरदार, तथा हत्यारे सवा शेर गेहूँ, जंगी राम की हवेली, सड़क पर पागल, एक मुट्ठी भात, इंकलाब ज़िंदाबाद, कफन और छः पैसा का रुपया, सहित अनेक चर्चित नाटकों में प्रभावशाली अभिनय किया है।
उन्होंने कोलकाता के ईडेन गार्डन स्टेडियम सहित हजारीबाग, धनबाद, रांची, दिल्ली, राजस्थान तथा देश के विभिन्न नगरों में सफल मंच प्रस्तुतियाँ दी हैं। अभिनय का प्रशिक्षण उन्हें प्रख्यात नाट्य निर्देशकों सागर दास गुप्ता, स्वाधीन दास, यादव चंद्र पाण्डेय, आलोक कुमार एवं कामेश्वर प्रसाद दिनेश से प्राप्त हुआ।

अध्यक्षीय संबोधन में कामेश्वर प्रसाद दिनेश के विचार
कार्यक्रम के अध्यक्षीय संबोधन में वरिष्ठ रंगकर्मी कामेश्वर प्रसाद दिनेश ने कहा कि नाटक साहित्य और रंगमंच की एक महत्वपूर्ण विधा है, जो समाज को जागरूक करने, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक, कठपुतली एवं लोकनाट्य जैसी विधाएँ आज भी स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार, स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति जैसे विषयों पर जनजागरण के लिए अत्यंत प्रभावी हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोग
इस अवसर पर पूजा कुमारी, रणधीर कुमार, आनंद कुमार, धीरेन्द्र धीरु, बैजू कुमार, सुनील कुमार, अमन कुमार, रिया कुमारी, निशा कुमारी, बिंदिया कुमारी, साक्षी कुमारी, शालिनी कुमारी, राजू कुमार, कवि उमेश राज, ‘विकल्प’ मुजफ्फरपुर के जिला सचिव विभाकर, ‘विकल्प’ नवोदित इकाई की सचिव पूनम कुमारी सहित अनेक साहित्यकार, रंगकर्मी एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन के सचिव एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने वरिष्ठ नाट्य अभिनेता अरुण कुमार वर्मा के दीर्घ, समर्पित एवं प्रेरणादायी रंगमंचीय योगदान की सराहना की तथा उनके स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की कामना की।







