ईरान युद्ध का असर: अमेरिका ने जापान को टॉमहॉक मिसाइलों की डिलीवरी में दो साल की देरी की

ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के बड़े मिसाइल भंडार के इस्तेमाल का असर जापान की सुरक्षा तैयारियों पर पड़ा है। अमेरिका ने जापान को दी जाने वाली टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों की डिलीवरी में देरी कर दी है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस डिलीवरी में दो साल तक की देरी हो सकती है।

ईरान युद्ध का असर: अमेरिका ने जापान को टॉमहॉक मिसाइलों की डिलीवरी में दो साल की देरी की
“प्रतिनिधिक तस्वीर”

जापान ने 400 मिसाइलें खरीदने का किया था समझौता

जापान ने अमेरिका से 400 टॉमहॉक मिसाइलें खरीदने का समझौता किया था, जिन्हें 2025 से 2027 के बीच डिलीवर किया जाना था। लेकिन अमेरिका ने जापान को बताया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध में उसके मिसाइल भंडार का बड़ा हिस्सा खर्च हो गया है, इसलिए डिलीवरी प्रभावित होगी।

ईरान युद्ध में 1,000 से अधिक मिसाइलें दाग चुका है अमेरिका

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान युद्ध में 1,000 से अधिक टॉमहॉक मिसाइलें दाग दीं। एक अमेरिकी थिंक टैंक सीएसआईएस के अप्रैल विश्लेषण के मुताबिक, अमेरिका के पास करीब 3,100 टॉमहॉक मिसाइलें थीं, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत (लगभग 900-1000) ईरान युद्ध में खर्च हो गए। अब अमेरिका पहले अपने मिसाइल भंडार को फिर से भरना चाहता है।

चीन के खिलाफ जापान की रणनीति पर क्यों पड़ेगा असर?

टॉमहॉक मिसाइल अमेरिका की सबसे खतरनाक लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों में से एक है। यह 1,600 किलोमीटर तक हमला कर सकती है और बेहद कम ऊंचाई पर उड़कर रडार से बचने की क्षमता रखती है। जापान इस मिसाइल का उपयोग चीन, उत्तर कोरिया और क्षेत्रीय खतरों के बीच अपनी स्टैंड-ऑफ डिफेंस क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहता था। मिसाइलों की डिलीवरी में देरी से चीन के खिलाफ जापान की सैन्य तैयारी प्रभावित हो सकती है।

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