ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष को देखते हुए भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ईरान में मौजूद भारतीय उपलब्ध किसी भी परिवहन साधन से जल्द से जल्द देश छोड़ दें। साथ ही, सभी नागरिकों से ईरान की यात्रा से बचने की अपील की गई है।

क्या है ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह?
ईरान ने रविवार रात इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। ईरान का कहना है कि यह हमला लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायल के हमलों का जवाब था। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने इजरायल के रमत डेविड एयरबेस को मिसाइलों से निशाना बनाया। जवाब में इजरायल ने सोमवार तड़के ईरान के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इजरायल ने ईरान के खूजेस्तान प्रांत में महशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को भी निशाना बनाया, जिससे प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, शहर के शहरी इलाकों में किसी विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई है।
भारत सरकार ने क्या कदम उठाया है?
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि इलाके में हाल की घटनाओं को देखते हुए दूतावास अपनी पिछली सलाह दोहराता है कि भारतीय नागरिक ईरान की यात्रा से बचें। दूतावास ने यह भी कहा कि जो भारतीय अभी ईरान में हैं, उन्हें सलाह है कि वे उपलब्ध परिवहन साधनों से जल्द से जल्द देश से बाहर निकल जाएं।
ईरान की स्थिति तेजी से बदल रही है। तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं और ईरान के पश्चिमी हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इजरायल ने भी तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। दूतावास भारतीयों से लगातार संपर्क में है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रहा है।