MP Congress Chief Jitu Patwari ने राष्ट्रपति Draupadi Murmu को पत्र लिखकर राज्य की घटनाओं में हस्तक्षेप की मांग की
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखकर प्रदेश में हाल ही में हुई कई दुर्घटनाओं और मासूमों की मौत के मामलों में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पटवारी ने पत्र में राज्य की वर्तमान सरकार पर प्रशासनिक विफलता और जनता के विश्वास को कम करने का आरोप लगाया है।
हाल के दिनों में मध्य प्रदेश में हुई विभिन्न घटनाओं के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में कहा है कि प्रदेश में शासन व्यवस्था गंभीर रूप से विफल होती दिख रही है। उन्होंने पत्र में कहा, "निर्वाचित सरकार निरंतर जनता के विश्वास को आहत कर रही है, जिससे जन-जीवन में असुरक्षा और अव्यवस्था का वातावरण है।"
पटवारी ने अपने पत्र में तीन प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया है। पहली, छिंदवाड़ा के सिरपकांड में जहरीली दवा के सेवन से बच्चों की मौत, जिसे उन्होंने स्वास्थ्य तंत्र की भयावह स्थिति का उदाहरण बताया। दूसरी, इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से हुई मौतें, जिसे उन्होंने मूलभूत सुविधाओं के प्रबंधन में चूक करार दिया। तीसरी, जबलपुर में बरगी डैम क्रूज हादसा, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई।
मुख्यमंत्री के आचरण पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री के आचरण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि जब क्रूज दुर्घटना में एक मां और उसके बेटे के शव निकाले जा रहे थे, उसी समय मुख्यमंत्री और राज्यपाल राजभवन में महाराष्ट्र और गुजरात के स्थापना दिवस के लोक नृत्य कार्यक्रम में शामिल थे। पटवारी ने इस आचरण को प्रशासनिक संवेदनशीलता के विपरीत और जनभावनाओं के प्रति असम्मान बताया है। इन घटनाओं के अलावा पटवारी ने धार जिले में हुए सड़क हादसे का भी जिक्र किया, जिसमें कई आदिवासी नागरिकों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं सिर्फ उदाहरण हैं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
राष्ट्रपति से की गई यह अपील
अपने पत्र के अंत में जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से निवेदन किया है कि वह इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लें और प्रदेश सरकार को आवश्यक मार्गदर्शन और निर्देश प्रदान करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के संवेदनशील और न्यायोचित हस्तक्षेप से ही प्रदेश में सुशासन, सुरक्षा और जन-विश्वास की पुनर्स्थापना की आशा है। यह पत्र उन घटनाओं के मद्देनजर लिखा गया है, जहां सरकार के प्रति जनता का विश्वास घटता दिख रहा है।
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