ईरान: सरकार और IRGC के बीच मतभेद के संकेत, ट्रंप बोले- लीडरशिप बिखरी हुई, डील इसलिए अटकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की लीडरशिप बिखरी हुई है और चार गुटों में बंटी है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत रुकी हुई है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि बात किससे की जाए।
ट्रंप ने एक बयान में कहा, "हम फोन करते हैं तो ईरान से जवाब आता है- 'मैं मोहम्मद फलां बोल रहा हूं।' मैं पूछता हूं कि क्या तुम लीडर हो। ईरान ही इस दुनिया में ऐसा देश है, जहां कोई भी लीडर नहीं बनना चाहता।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान या तो डील करे, वरना अमेरिका पूरी ताकत से हमला करने का विकल्प खुला रखे हुए है।
राष्ट्रपति और विदेश मंत्री के बीच मतभेद के संकेत
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ अपने ही विदेश मंत्री अब्बास अरागची से नाराज बताए जा रहे हैं। आरोप है कि अरागची बातचीत के दौरान सरकार की बजाय रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रभाव में काम कर रहे हैं। कई फैसले राष्ट्रपति को बताए बिना लिए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अहमद वहीदी जैसे सैन्य चेहरों का प्रभाव तेजी से बढ़ा है, खासकर युद्ध के दौर में। कुछ अहम प्रशासनिक फैसलों में IRGC की भूमिका बढ़ने की बात कही जा रही है।
IRGC और सरकार के बीच नहीं मिल रहा तालमेल
हालांकि, इसे सीधे 'खुली जंग' या 'टूट' कहना अभी जल्दबाजी होगी। ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सरकार, संसद और सैन्य ढांचा साथ-साथ काम करते हैं, जहां कई बार मतभेद सामने आते हैं। युद्ध, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच ये दरारें और साफ दिखने लगी हैं। इसी बीच ईरान ने अमेरिका को डील का नया प्रस्ताव दिया है। ट्रंप ने कहा कि वे डील करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। एक तरफ अमेरिका दबाव बना रहा है, दूसरी तरफ ईरान के अंदर यह तय नहीं हो पा रहा कि बातचीत में कितना झुकना है। यही वजह है कि बातचीत बार-बार पटरी से उतर रही है।
ईरान: बम डिफ्यूज करते समय IRGC के 14 साइंटिस्टों की मौत, जमीन में दबे थे अमेरिका-इजरायल के बम

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें