बरगी क्रूज हादसा: री-फिट के बाद भी इंजन में खराबी, पायलट के बयान से बढ़े जांच के सवाल
मध्य प्रदेश के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में अब तकनीकी खामियों और रखरखाव में लापरवाही के गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्रूज पायलट ने खुलासा किया है कि दुर्घटना के समय एक इंजन ठीक से काम नहीं कर रहा था। यह बयान ऐसे समय आया है जब तीन साल पहले क्रूज के री-फिट पर 38 लाख रुपये खर्च किए गए थे।
पायलट ने क्या कहा?
क्रूज पायलट महेश पटेल ने बताया कि वापसी के दौरान अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और बांध में ऊंची लहरें उठने लगीं। इससे क्रूज में पानी भरना शुरू हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि एक इंजन पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा था, जिससे नाव को किनारे लाने में दिक्कत हुई। पटेल ने यह आरोप भी लगाया कि यात्रा शुरू करने से पहले उन्हें मौसम की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। पायलट के अनुसार, यात्रियों में से कई लोग फोटो और वीडियो बनाने में व्यस्त थे, जिसके चलते उन्होंने लाइफ जैकेट नहीं पहनी हुई थी।
38 लाख रुपये के री-फिट पर सवाल
पर्यटन निगम के सलाहकार और पूर्व नौसेना कमांडर राजेंद्र निगम ने बताया था कि वर्ष 2024 में क्रूज का मीडियम री-फिट किया गया था। इस पर करीब 38 लाख रुपये खर्च हुए थे। इस दौरान इंजन, शॉफ्ट और हल सहित 17 अहम तकनीकी बदलाव किए गए थे। दावा किया गया था कि इस प्रक्रिया के बाद क्रूज की उम्र 10 साल बढ़ गई थी और यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप था। अब सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े रखरखाव के बाद भी इंजन में खराबी कैसे आई।
जांच से पहले क्रूज तोड़ने पर उठे सवाल
हादसे के तुरंत बाद, जांच पूरी होने से पहले ही क्रूज को तोड़ दिए जाने ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे तकनीकी सबूत नष्ट हो सकते हैं, जो दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाने में अहम होते। इस मामले में अब निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
बिना बीमा के चल रहा था क्रूज
जांच में सामने आया है कि 20 साल पुराना यह क्रूज बिना वैध बीमा के चल रहा था, जो केंद्रीय कानूनों का उल्लंघन है। यात्रियों से 200 रुपये टिकट लिए जा रहे थे, लेकिन उनका कोई बीमा नहीं था। गौरतलब है कि दूसरे राज्यों में टिकट के साथ यात्रियों का पांच लाख रुपये तक का बीमा किया जाता है। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और 1 पुरुष शामिल है। मध्य प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि जांच समिति का गठन कर दिया गया है और सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी।
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