UP: ओला कैब में बैठकर चलता था 100 करोड़ का बेटिंग नेटवर्क, दुबई से होता था कंट्रोल

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए सट्टेबाजी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। इस सिंडिकेट ने छह महीने में करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन किया था। पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

UP: ओला कैब में बैठकर चलता था 100 करोड़ का बेटिंग नेटवर्क, दुबई से होता था कंट्रोल
"प्रतीकात्मक फोटो:

कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने प्राचीन शिव मंदिर, बर्रा-6 के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। पूछताछ के आधार पर चार अन्य फरार आरोपियों को भी अलग-अलग स्थानों से दबोच लिया गया।

विदेश से संचालित हो रहा था पूरा नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ है कि यह सिंडिकेट भारत से बाहर से संचालित हो रहा था। गिरोह के सरगना दुबई, कंबोडिया और थाईलैंड में बैठकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहे थे। करीब 400 लोगों का यह नेटवर्क अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहा था।

ठगी का तरीका और शातिर हथकंडे

आरोपी प्रतिबंधित गेमिंग ऐप और वेबसाइट के माध्यम से लोगों को अपना निशाना बनाते थे। शुरुआत में छोटी रकम जिताकर पीड़ितों का विश्वास जीतते, फिर बड़ी रकम दांव पर लगवाकर 'मास्टर आईडी' के जरिए गेम हरवा देते थे। लोगों को फंसाने के लिए डार्क वेब और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था।

ओला कैब में बैठकर चलता था ऑपरेशन

पुलिस से बचने के लिए गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीका अपनाते थे। वे ओला कैब में बैठकर ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और कैश निकासी करते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके और जांच एजेंसियां भ्रमित हो सकें।

फर्जी खातों का जाल

आरोपी भोले-भाले लोगों को बहलाकर उनके आधार कार्ड और सिम कार्ड हासिल कर लेते थे। इन्हीं दस्तावेजों के जरिए फर्जी बैंक खाते खुलवाए जाते थे, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से सैकड़ों संदिग्ध खातों की जानकारी मिली है।

पुलिस ने बरामद किए ये सामान

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

बरामद सामान  मात्रा

मोबाइल फोन   26

लैपटॉप               1

एटीएम कार्ड    54

पासबुक            26

चेकबुक             1

सिम कार्ड          30

स्कूटी व बाइक     2

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

यह साइबर ठगी सिंडिकेट केवल कानपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में इसका जाल फैला हुआ था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। फिलहाल 50 लाख रुपये के लेनदेन की पुष्टि के बाद उसे फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फरार आरोपियों और इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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