अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुआ सैन्य संघर्ष एक महीने पूरा कर चुका है। ड्रोन और मिसाइल हमलों का यह सिलसिला अब भी जारी है, जिससे पूरा खाड़ी क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई दो समय-सीमाएं भी समाप्त हो चुकी हैं, लेकिन हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
संघर्ष की शुरुआत अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर किए गए आकस्मिक हमलों से हुई थी। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ईरान में अब तक 1,900 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि इज़राइल में 19 लोग मारे गए हैं। लेबनान में 1,200 से अधिक लोगों की मौत और 10 लाख से अधिक लोगों के विस्थापित होने की खबर है।
हॉरमुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़
इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर हॉरमुज़ जलडमरूमध्य पर पड़ा है। विश्व की 20 प्रतिशत तेल और गैस की जरूरतों को पूरा करने वाला यह जलमार्ग ईरान के नियंत्रण में आ गया है। यहां कई तेल और गैस वाहक जहाज फंसे हुए हैं, जबकि कुछ पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी हुए हैं। सबसे बड़ा हमला 4 मार्च को हुआ, जब अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट पर ईरानी नौसैनिक युद्धपोत आइरिस डेना को निशाना बनाया, जिसमें 80 से अधिक लोग मारे गए। अब एक और जलमार्ग संकट में आ सकता है। यमन के हौथी विद्रोहियों ने शनिवार को इज़राइल पर मिसाइल हमले करते हुए संघर्ष में प्रवेश करने की घोषणा की। यदि हौथी फिर से लाल सागर और बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में शिपिंग लेन पर हमले शुरू करते हैं, तो स्वेज नहर से होने वाले व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ट्रंप की समय-सीमा और ईरान का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 मार्च को ईरानी ऊर्जा ढांचे पर हमलों में पांच दिन की रोक का आदेश दिया था। बाद में उन्होंने इस समय-सीमा को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया और हॉरमुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की मांग की। ईरान ने इन समय-सीमाओं को खारिज कर दिया। देश के एक वरिष्ठ सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि ट्रंप शायद खुद से बातचीत कर रहे हैं। इस बीच, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश की है। पाकिस्तान ने रविवार को सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की मेजबानी की, हालांकि इस बैठक में ईरान शामिल नहीं था। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाग़िर क़ालिबाफ़ से बातचीत कर रहा है, लेकिन ईरान ने इससे इनकार किया है।
खार्ग द्वीप पर बढ़ी निगाहें
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई समझौता नहीं होता है और हॉरमुज़ जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोला जाता है, तो अमेरिका अपने हमलों का दायरा बढ़ाएगा। उन्होंने ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जे की संभावना की भी चर्चा की है। अमेरिका ने इस क्षेत्र में 2,500 मरीन और 1,000 पैराट्रूपर्स भेजे हैं। खाड़ी देशों में तनाव का माहौल है। कुवैत, कतर, यूएई, बहरीन, सऊदी अरब और इराक सभी में हमलों की खबरें हैं। दुबई और अबू धाबी जैसे शहर, जो कभी मध्य पूर्व की अशांति से अछूते माने जाते थे, अब ड्रोन और मिसाइलों को रोकने में जुटे हैं। यहां का रियल एस्टेट बाजार भी इस संघर्ष के प्रभाव से सतर्क हो गया है।
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