सोमवार, 30 मार्च 2026

ईरानी हमले में कुवैत का बिजली संयंत्र क्षतिग्रस्त, एक भारतीय कर्मचारी की मौत

कुवैत में एक बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्र पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, हमले में संयंत्र के एक भवन को "महत्वपूर्ण भौतिक क्षति" पहुंची है। यह घटना अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच हुई है।

कुवैत के विद्युत मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में पुष्टि की कि "ईरानी आक्रमण" के तहत एक बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्र के सर्विस भवन को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने बताया कि हमले में एक भारतीय कर्मचारी की जान चली गई और भवन को व्यापक क्षति पहुंची। घटना के बाद तकनीकी और आपातकालीन टीमों को मौके पर भेजा गया।

ईरानी हमले में कुवैत का बिजली संयंत्र क्षतिग्रस्त, एक भारतीय कर्मचारी की मौत

क्षेत्र में बढ़ते हमले और प्रतिक्रियाएं

अल जज़ीरा के अनुसार, कुवैत पर पिछले एक महीने से अधिक समय से बार-बार हमले हो रहे हैं। रविवार को ही कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि देश की हवाई सीमा में 14 मिसाइलें और 12 ड्रोन पाए गए थे, जिनमें से कई ने एक सैन्य शिविर को निशाना बनाया था, जिसमें 10 सैन्यकर्मी घायल हो गए थे। इस हमले पर कतर के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उसने एक बयान में "हेइनस ईरानी आक्रमण" की निंदा करते हुए कहा कि कतर, कुवैत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए उसके साथ पूर्ण एकजुटता रखता है।

महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में एकीकृत बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्रों पर हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। खाड़ी क्षेत्र वैश्विक स्तर पर विलवणीकृत जल का 40 प्रतिशत उत्पादन करता है, जो इस क्षेत्र के शहरों के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत है। यह हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद से क्षेत्रीय तनाव में हुई वृद्धि के बीच हुए हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ईरान पर हुए हमलों में 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

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