सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही भीषण गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बढ़ते तापमान का सीधा असर जिले के जंगलों पर पड़ रहा है। भेरूंदा तहसील के सरकारी सागौन के जंगलों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे बेशकीमती वन संपदा को व्यापक नुकसान हो रहा है। आग की लपटों ने बड़े रकबे को अपनी चपेट में ले लिया है और लगातार अपना दायरा बढ़ा रही हैं।
कई इलाकों में सुलग रहे जंगल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नया पुरा सब रेंज के अलावा बसंतपुर कुरी नयापुरा, सन कोटा, कोसमी और सिराड़ी के जंगलों में आग धधक रही है। वहीं पिपलानी सब रेंज के खजूर पानी, इटावा, सिराली और डोगला पानी के जंगल भी इस चपेट में हैं। रात के समय इन इलाकों में दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरे जंगल में लाल बत्ती जल रही हो। आग की चपेट में आने से इन जंगलों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
वन्यजीवों पर मंडरा रहा खतरा
जंगलों में लगी इस आग से वहां रहने वाले वन्यजीवों पर सबसे अधिक संकट आ गया है। आग की लपटों और धुएं से बचने के लिए जंगली जानवर बेघर होकर इधर-उधर भागने को मजबूर हैं। कई जीवों के जलने या दम घुटने से मरने का भी खतरा बना हुआ है। वन विभाग और वन विकास निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अभी तक आग पर प्रभावी नियंत्रण के प्रयास नहीं किए जाने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

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