मैहर। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व को लेकर मैहर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मां शारदा के दरबार में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ और शहर की धार्मिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए 19 से 27 मार्च 2026 तक संपूर्ण नगर पालिका क्षेत्र में मांस, मछली और अंडे के क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 27 मार्च की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगा।
क्या है प्रतिबंध का दायरा और अवधि?
एसडीएम दिव्या पटेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। इस दौरान मैहर नगर पालिका क्षेत्र की सीमा में किसी भी प्रकार की दुकान, होटल, ढाबे, रेहड़ी या अन्य किसी स्थान पर मांसाहारी उत्पादों की बिक्री, भंडारण या सार्वजनिक प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।
धार्मिक नगरी की गरिमा बनाए रखना उद्देश्य
मैहर को मध्य प्रदेश शासन के पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक नगरी घोषित किया गया है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां विशाल मेला लगता है और देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन का मानना है कि इस दौरान शहर की धार्मिक शुचिता, स्वच्छता और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो। इसी उद्देश्य से यह प्रतिबंधात्मक कदम उठाया गया है।
उल्लंघन पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। नगर पालिका क्षेत्र में संबंधित विभागों और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी। यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने शहर के सभी व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे इस आदेश का पालन कर पर्व को सकुशल संपन्न कराने में सहयोग करें।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें