मंगलवार, 17 मार्च 2026

MP मेट्रो प्रोजेक्ट: तुर्की की कंपनियों पर प्रतिबंध से भोपाल-इंदौर मेट्रो पर संकट के बादल

भोपाल। मध्य प्रदेश के दो बड़े शहरों भोपाल और इंदौर में प्रस्तावित मेट्रो परियोजनाओं पर अचानक संकट के बादल मंडराने लगे हैं। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुर्की की उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिन्हें इन दोनों शहरों में मेट्रो के निर्माण और संचालन से जुड़े ठेके मिले थे। इस फैसले से दोनों परियोजनाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।

MP मेट्रो प्रोजेक्ट: तुर्की की कंपनियों पर प्रतिबंध से भोपाल-इंदौर मेट्रो पर संकट के बादल


क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा था कि तुर्की की कुछ कंपनियों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को देखते हुए उनके साथ रेल और मेट्रो जैसी रणनीतिक परियोजनाओं में साझेदारी करना सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं होगा। इस रिपोर्ट के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अन्य संबंधित विभागों से चर्चा कर यह निर्णय लिया कि तुर्की की कंपनियों को देश की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से दूर रखा जाए।

भोपाल-इंदौर मेट्रो पर कैसे पड़ेगा असर?

भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए पिछले साल ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई थी। इसमें तुर्की की एक प्रमुख कंपनी को भोपाल मेट्रो की पहली लाइन के निर्माण और 35 साल के संचालन का ठेका मिला था। वहीं, इंदौर मेट्रो के एक हिस्से के लिए भी उसी कंपनी या उसके सहयोगी संगठन को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

अब इन कंपनियों पर लगे प्रतिबंध के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि इन ठेकों का क्या होगा। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (MPMRCL) के अधिकारियों के अनुसार, वे भी इस मामले में केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं।

सरकार के सामने क्या हैं विकल्प

विशेषज्ञों का मानना है कि अब सरकार के पास दो ही विकल्प हैं। पहला, इन तुर्की कंपनियों के स्थान पर भारतीय या किसी अन्य देश की कंपनियों को शामिल करने के लिए टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू करना। दूसरा, यदि संविदा में कोई खंड हो, तो उसके आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाना, लेकिन इससे समय और लागत दोनों बढ़ने की संभावना है।

फिलहाल, इस फैसले से प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मेट्रो परियोजनाओं की समय-सीमा पर ग्रहण लग गया है। अब यह देखना होगा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस गतिरोध को कैसे दूर करते हैं।

नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है। 


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