शाजापुर जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल रविवार को एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है, जहां से एक विचाराधीन कैदी फरार हो गया। जेल अधीक्षक दुष्यंत पगारे ने बताया कि कैदी जयराम उर्फ जीवन (35) सुबह करीब 11 से 11:30 बजे के बीच जेल के किचन में काम करते समय भाग निकला। वह पानी के पाइप और तार को बांधकर जेल की दीवार फांदने में सफल रहा।
घटना के समय जेल परिसर में बिजली आपूर्ति बाधित थी। बिजली लाइन के मेंटेनेंस कार्य के चलते सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रखी गई थी, जिसके कारण सीसीटीवी कैमरों का डिस्प्ले भी बंद हो गया था। जेल प्रबंधन का कहना है कि कैमरे चालू थे, लेकिन बिजली न होने से रिकॉर्डिंग नहीं हो सकी।
दूसरा कैदी भागने से पहले पकड़ा गया
जानकारी के अनुसार, जयराम के साथ एक अन्य विचाराधीन कैदी राहुल भी भागने की योजना बना रहा था। हालांकि, वह फरार होने से पहले ही पकड़ा गया। राहुल छेड़छाड़ के एक मामले (धारा 354) में जेल में बंद है। घटना के वक्त प्रहरी ताला लगाकर जा चुका था, जिसके बाद दोनों कैदी सभागृह में छिप गए थे।
फरार कैदी जयराम के खिलाफ मक्सी थाने में 4 अक्टूबर 2025 को मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज किया गया था। जेल अधीक्षक ने बताया कि उसका भाई भी जेल में बंद है, जबकि उसकी मां पहले जेल में थी और अब जमानत पर बाहर है।
पुलिस ने की नाकाबंदी, तलाश जारी
कैदी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। लालघाटी थाने में जेल प्रहरी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने फरार कैदी की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में तुरंत नाकाबंदी कर दी है। एसआई पटेल ने विश्वास जताया है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, शाजापुर जिला जेल में फिलहाल कुल 124 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 45 दंडित बंदी (41 पुरुष, 4 महिला) और 79 विचाराधीन बंदी (71 पुरुष, 8 महिला) शामिल हैं।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है।

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