बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम शास्त्री उर्फ ‘छोटे सरकार’ को जबलपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। छतरपुर जिले के गढ़ा थाना क्षेत्र में दर्ज फायरिंग और मारपीट के आरोप में वह 15 जुलाई से न्यायिक हिरासत में थे। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने यह आदेश दिया।
आरोप क्या हैं
अदालत में पेश सरकारी पक्ष के मुताबिक, आवेदक ने शिकायतकर्ता मोतीलाल कुशवाहा को रोका और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि उन्होंने साथी आरोपियों को डंडे से हमला करने के लिए उकसाया। साथ ही शिकायतकर्ता के पेट में गोली मारने का गंभीर आरोप भी उन पर लगाया गया है। शासकीय अधिवक्ता ने इन्हीं आधारों पर जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए राहत नहीं दी जानी चाहिए।
याचिका में क्या दलील दी गई
बचाव पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया कि पुरानी रंजिश और राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें मामले में फंसाया गया है। याचिका के अनुसार, गांव में आपसी विवाद के दौरान शिकायतकर्ता और कुछ ग्रामीणों ने उन पर हमला किया था। इसकी शिकायत दर्ज कराने वह थाने पहुंचे, उनका आरोप हैं कि, पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की और उल्टे उन्हीं के खिलाफ प्रकरण बना दिया। याचिका में यह भी कहा गया कि वे एक प्रतिष्ठित संत के भाई हैं और परिवार की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई।
फैसला 10 सितंबर को रखा गया था सुरक्षित
दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद एकल पीठ ने 10 सितंबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। सभी तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने शालिग्राम शास्त्री को जमानत दे दी। बता दें कि 15 जुलाई से वह न्यायिक हिरासत में बंद थे।







