PM Kisan Yojana: किसानों के लिए 24वीं किस्त का इंतजार, जानें पात्रता, रजिस्ट्रेशन और लेटेस्ट अपडेट

भारतीय किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना एक महत्वपूर्ण सहारा बन चुकी है। इस योजना के तहत देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। फसल चक्र के अनुसार यह सहायता किसानों को बीज, खाद और अन्य कृषि आदानों की खरीद में मदद करती है। वर्ष 2019 में शुरू हुई इस योजना का हाल ही में एक बड़ा विस्तार हुआ है, जो किसानों के लिए आने वाले समय में राहत की संभावनाएं लेकर आया है।

हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-KISAN योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस पांच साल की अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का विशाल बजट स्वीकृत किया गया है, जो सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का प्रमाण है।

वहीं, किसान अब 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि 23वीं किस्त की तरह अक्टूबर 2026 में अगली किस्त जारी की जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं हुई है। इस बीच, यह जानना जरूरी है कि इस बार 2,000 रुपये की किस्त किन किसानों को मिलेगी, कैसे जांचें कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, और सबसे महत्वपूर्ण यह कि पैसा आने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आपकी किस्त न रुके।

पीएम किसान योजना का विस्तार और 24वीं किस्त को लेकर बड़ी खबर

हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-KISAN योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है, जिससे अगले पांच वर्षों तक किसानों को सरकारी सहायता मिलती रहेगी। इस निर्णय के साथ ही किसानों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि 24वीं किस्त कब आएगी? जानकारी के अनुसार, पीएम किसान की अगली किस्त अक्टूबर 2026 में आने की संभावना है, क्योंकि किस्तें हर चार महीने में जारी होती हैं और पिछली किस्त जून 2026 में आई थी। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक तारीख अभी तक जारी नहीं की गई है।

PM Kisan Yojana: पात्रता, रजिस्ट्रेशन, लाभार्थी

PM Kisan Yojana: पात्रता, रजिस्ट्रेशन, लाभार्थी स्थिति और पैसा कब आता है?

PM-KISAN योजना के तहत लाभ उठाने के लिए किसान को कुछ शर्तों को पूरा करना होता है। योजना की आधिकारिक पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

भारतीय नागरिक: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।

कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व: आवेदक के पास अपनी खेती योग्य भूमि होनी चाहिए।

छोटे या सीमांत किसान: यह योजना मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए है।

अपात्र व्यक्ति: वे व्यक्ति जो आयकर दाता हैं, जिन्हें 10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन मिलती है, संवैधानिक पदाधिकारी हैं, या संस्थागत भू-धारक हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।

भूमि अधिग्रहण: जिन किसानों ने 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि अधिग्रहण की है, उनके मामलों को सत्यापन के लिए रोका जा सकता है।

PM Kisan Yojana: रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

यदि आप इस योजना के लिए पात्र हैं और अभी तक आपका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, तो आप आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।

नए पंजीकरण पर क्लिक करें: होमपेज पर ‘New Farmer Registration’ (नया किसान पंजीकरण) के विकल्प पर क्लिक करें।

आधार संख्या दर्ज करें: अपना आधार नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें।

फॉर्म भरें: मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें, जैसे नाम, पता, बैंक खाता विवरण, और भूमि का विवरण।

सबमिट करें: फॉर्म सबमिट करने के बाद भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट अवश्य निकाल लें।

अपनी 24वीं किस्त की स्थिति कैसे जांचें?

अपनी 24वीं किस्त की स्थिति कैसे जांचें?

किसान अपनी किस्त की स्थिति और क्या उनका नाम लाभार्थी सूची में है, यह नीचे दिए गए तरीकों से जांच सकते हैं:

वेबसाइट के माध्यम से:

https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।

• Know Your Status (अपनी स्थिति जानें) टैब पर क्लिक करें।

• अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार संख्या या बैंक खाता संख्या दर्ज करें और ‘Get Data’ पर क्लिक करें।

• आपके सामने आपके लाभार्थी होने की स्थिति और भुगतान का विवरण आ जाएगा।

    लाभार्थी सूची देखने के लिए:

    • वेबसाइट पर ‘Beneficiary List’ (लाभार्थी सूची) पर क्लिक करें।

    • राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन करें।

    • Get Report पर क्लिक करने पर सूची प्रदर्शित होगी।

    PM Kisan Yojana: पैसा कब आता है?

    किस्त की आवृत्ति: इस योजना के तहत पैसा साल में तीन बार 2,000-2,000 रुपये की किस्तों में आता है। ये किस्तें आमतौर पर अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च की अवधि में जारी की जाती हैं।

    23वीं किस्त (जून 2026): 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी, जिसमें 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। असम राज्य में इस किस्त से 18.60 लाख किसानों को 372 करोड़ रुपये का लाभ मिला।

    24वीं किस्त (अक्टूबर 2026): 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 में आने की संभावना है। हालांकि, आधिकारिक तारीख अभी जारी नहीं की गई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट और समाचारों पर नजर रखें।

    पैसा आने से पहले ये 5 काम जरूर करें

    पैसा आने से पहले ये 5 काम जरूर करें, नहीं तो रुक सकती है आपकी किस्त

    कई बार किसानों के नाम लाभार्थी सूची में होने के बावजूद भी उनके खाते में पैसा नहीं आता है। इसका मुख्य कारण कुछ औपचारिकताओं का पूरा न होना है। 24वीं किस्त पाने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

    ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य: सरकार ने पीएम किसान का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। यदि आपकी ई-केवाईसी पेंडिंग है, तो आपकी अगली किस्त रुक सकती है। ई-केवाईसी आप ओटीपी, बायोमेट्रिक (सीएससी सेंटर पर) या मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा कर सकते हैं।

    आधार-बैंक खाता लिंक: आपका बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए। अगर दोनों में कोई मिसमैच है, तो डीबीटी (Direct Benefit Transfer) फेल हो सकता है।

    बैंक खाता सक्रिय हो: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता सक्रिय है और उसका आईएफएससी कोड सही है। गलत खाता संख्या या निष्क्रिय खाता भी भुगतान में बाधा बन सकता है।

    भूमि का सत्यापन: आपकी भूमि का रिकॉर्ड पीएम किसान पोर्टल पर दर्ज होना चाहिए। यदि भूमि सत्यापन की प्रक्रिया अधूरी है, तो लाभ रोका जा सकता है।

    अपात्रता की जांच: सुनिश्चित करें कि आप योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। आयकर दाता, 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले, और वे लोग जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि खरीदी है, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।

    PM Kisan Yojana: पोर्टल पर ई-केवाईसी कैसे करें?

    ई-केवाईसी पूरी करने के तीन मुख्य तरीके हैं:

    ओटीपी-आधारित ई-केवाईसी: यह पीएम किसान पोर्टल या मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है। इसके लिए आपके आधार से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा।

    बायोमेट्रिक-आधारित ई-केवाईसी: इसके लिए आपको अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या स्टेट सेवा केंद्र पर जाना होगा, जहां आपका बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।

    फेस ऑथेंटिकेशन-आधारित ई-केवाईसी: यह सबसे आसान तरीका है, जिसे आप घर बैठे अपने मोबाइल फोन से कर सकते हैं।

    • सबसे पहले Google Play Store से ‘PM-KISAN’ ऐप और ‘Aadhaar Face RD’ ऐप डाउनलोड करें।

    • पीएम किसान ऐप खोलें और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।

    • ‘Beneficiary Status’ पेज पर जाएं। अगर आपकी ई-केवाईसी स्थिति ‘No’ दिखती है, तो ‘e-KYC’ पर क्लिक करें।

    • अपना आधार नंबर डालें और फेस स्कैन करने के लिए सहमति दें। इसके बाद आपका सत्यापन हो जाएगा।

    PM Kisan Yojana: सरकार की नई पहल

    PM Kisan Yojana: सरकार की नई पहल और योजना का भविष्य

    PM-KISAN योजना को निरंतरता प्रदान करने के अलावा, केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अन्य कदम उठाए हैं। हाल ही में सरकार ने कृषि कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की है, जिसमें PM-KISAN की प्रभावशीलता पर भी चर्चा हुई।

    योजना का विस्तार: मंत्रिमंडल ने PM-KISAN को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी है। इस फैसले से किसानों को दीर्घकालिक सुरक्षा मिलेगी और वे आने वाले पांच वर्षों तक इस सहायता पर भरोसा कर सकेंगे।

    किसानों पर सकारात्मक प्रभाव: विभिन्न अध्ययनों और NITI Aayog की DMEO रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना का किसानों पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। लगभग 92% किसानों ने इस सहायता का उपयोग कृषि कार्यों और निवेश के लिए किया है। 85% किसानों ने माना है कि इस योजना से उनकी कृषि आय में सुधार हुआ है और अनौपचारिक कर्ज (जैसे साहूकार से लिया गया कर्ज) पर उनकी निर्भरता कम हुई है।

    महिला किसान: इस योजना का लाभ महिला किसानों को भी खूब मिला है। अब तक महिला किसानों को 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है, और लगभग हर चौथा लाभार्थी एक महिला किसान है।

    कुल हस्तांतरित राशि: अब तक कुल मिलाकर 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।

    PM Kisan Yojana देश के करोड़ों किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। 24वीं किस्त आने वाले दिनों में जारी होने की संभावना है, लेकिन किसानों को अपनी ई-केवाईसी, आधार-बैंक लिंकिंग और भूमि सत्यापन जैसी औपचारिकताएं समय पर पूरी कर लेनी चाहिए ताकि उनकी किस्त बिना किसी रुकावट के आ सके। सरकार ने योजना को दीर्घकालिक बनाकर किसानों को भविष्य की सुरक्षा दी है, जो निश्चित रूप से भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम है। किसानों से अनुरोध है कि वे किसी भी अफवाह या फर्जी लिंक से बचें और हमेशा आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

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            • मैं अनामिका गुप्ता, एक पत्रकार हूँ। पिछले 5 वर्षों में मैंने ब्रेकिंग, राजनीति, अपराध, सामाजिक, मनोरंजन, टेक्नोलोजी, खेल, विज्ञान, वित्त एवं निवेश और प्रौद्योगिकी मुद्दों और फीचर स्टोरीज़, हर विधा में काम किया है। जटिल मामलों को सरल भाषा में समझाना मेरी कला है और निष्पक्ष रिपोर्टिंग मेरी पहचान। इस वेबसाइट पर मैं पाठकों तक सच्चाई पहुँचाने का काम करती हूँ।

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