प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। 1 दिसंबर 2018 को शुरू की गई और फरवरी 2019 से लागू इस योजना के तहत, पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके आधार-सीडेड बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। यह योजना डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) माध्यम से लागू की जाती है, जिससे बिचौलियों की संलिप्तता समाप्त होती है और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
यह योजना पूर्णतः केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और अब तक लाखों किसानों तक पहुँच चुकी है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े किसान कल्याण कार्यक्रमों में से एक बनाती है। किसानों को फसल चक्र के अनुसार अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च की अवधि में तीन किस्तें मिलती हैं। हाल ही में, 23वीं किस्त 20 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर में ‘पश्चिमबंगा दिवस’ समारोह के दौरान जारी की गई। इस किस्त के तहत ₹18,880 करोड़ की राशि 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को वितरित की गई।
यह लेख पीएम किसान योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करेगा, जिसमें ऑनलाइन KYC, पोर्टल की विशेषताएँ, 23वीं किस्त, योजना सूची, मोबाइल नंबर से स्थिति जाँच, और बेनिफिशियरी स्टेटस शामिल हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि: योजना का अवलोकन और उद्देश्य
पीएम किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक प्रत्यक्ष आय-सहायता कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देश के किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना किसानों को फसल उगाने, बीज, खाद और आवश्यक उपकरण खरीदने में मदद करती है, जिससे वे कर्ज के बोझ से बच सकें। योजना के तहत अब तक 22 किस्तों के माध्यम से ₹4.28 लाख करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी थी। 23वीं किस्त के बाद यह आंकड़ा ₹4.46 लाख करोड़ को पार कर गया है, जो इस योजना की विशालता और किसानों तक इसकी पहुँच को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल में अकेले 45 लाख से अधिक किसानों को इस किस्त से लाभ हुआ है और राज्य में अब तक कुल ₹15,000 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि 23वीं किस्त
पीएम किसान की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान जारी की गई। इस किस्त के तहत कुल ₹18,880 करोड़ की राशि 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की गई।
23वीं किस्त की मुख्य बातें
• प्रत्येक पात्र किसान को ₹2,000 की राशि मिली।
• पश्चिम बंगाल में 45.35 लाख किसानों को लगभग ₹907 करोड़ वितरित किए गए।
• अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के किसानों को ₹2.59 करोड़ जारी किए गए।
• अब तक कुल ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
22वीं किस्त का विवरण
इससे पहले, 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को गुवाहाटी में जारी की गई थी, जिसके तहत 9.32 करोड़ किसानों को ₹18,640 करोड़ वितरित किए गए थे। इसमें 2.15 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों को भी शामिल किया गया था।

पीएम किसान ऑनलाइन KYC: क्यों और कैसे?
पीएम किसान योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए eKYC अनिवार्य है। यह सुनिश्चित करता है कि योजना का लाभ सही और पात्र किसानों तक पहुँचे, बिना किसी बिचौलिए के हस्तक्षेप के। फर्जी लाभार्थियों को हटाने और योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने eKYC को अनिवार्य कर दिया है। eKYC की समय सीमा: किसानों को 30 जून 2026 तक अपनी eKYC पूरी करनी होगी, अन्यथा उनकी अगली किस्त रोकी जा सकती है।
OTP-आधारित eKYC (ऑनलाइन)
इस प्रक्रिया के लिए किसान के पास आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर होना चाहिए:
1. PM-KISAN पोर्टल (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएँ।
2. ‘Farmers Corner’ में ‘e-KYC’ पर क्लिक करें।
3. अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
4. आधार-लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें।
5. सबमिट करें और eKYC पूरा करें।

बायोमेट्रिक-आधारित eKYC (ऑफलाइन)
यह सुविधा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और राज्य सेवा केंद्रों पर उपलब्ध है:
1. अपने नजदीकी CSC/SSK पर आधार कार्ड और आधार-लिंक मोबाइल नंबर लेकर जाएँ।
2. CSC/SSK ऑपरेटर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करने में सहायता करेगा।
3. CSC केंद्र पर नाममात्र का शुल्क लग सकता है।
फेस ऑथेंटिकेशन-आधारित eKYC
यह सुविधा PM KISAN मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध है:
1. PM-KISAN मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
2. ऐप पर ‘Beneficiary Status’ पर जाएँ।
3. यदि eKYC स्थिति “No” है, तो ‘eKYC’ पर क्लिक करें।
4. आधार नंबर दर्ज करें और फेस स्कैन के लिए सहमति दें।
5. सफल फेस स्कैन के बाद eKYC पूरी हो जाएगी।

पीएम किसान पोर्टल: विशेषताएँ और उपयोग
PM-KISAN पोर्टल (https://pmkisan.gov.in/) इस योजना का केंद्रीय मंच है, जो किसानों के लिए एक-स्टॉप समाधान प्रदान करता है।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ
• किसान कॉर्नर (Farmers Corner): स्व-पंजीकरण, लाभार्थी स्थिति, और पंजीकरण स्थिति की जाँच के लिए समर्पित अनुभाग।
• eKYC सुविधा: OTP-आधारित, बायोमेट्रिक, और फेस ऑथेंटिकेशन-आधारित eKYC।
• लाभार्थी स्थिति (Beneficiary Status): आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, या पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करके स्थिति जाँचें।
• स्व-पंजीकरण: नए किसान ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
• मोबाइल ऐप: PM-KISAN मोबाइल ऐप किसानों की सुविधा के लिए उपलब्ध है।
• किसान-एमित्र चैटबॉट: 11 भारतीय भाषाओं में सहायता उपलब्ध है।
पीएम किसान योजना: पात्रता और अपात्रता
पात्रता मानदंड
• किसान भारत का नागरिक हो।
• कृषि योग्य भूमि का स्वामी हो।
• छोटा या सीमांत किसान हो।
• आधार-आधारित eKYC पूरी हो।
• बैंक खाता आधार से लिंक हो।
परिवार की परिभाषा: पीएम-किसान के तहत एक किसान परिवार को पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चों के रूप में परिभाषित किया गया है। लाभ एक परिवार को दिया जाता है, न कि अलग-अलग सदस्यों को।
अपात्रता के कारण
निम्नलिखित श्रेणियों के व्यक्ति इस योजना के पात्र नहीं हैं:
• संस्थागत भूमि धारक (ट्रस्ट, सोसायटी, कंपनियाँ)
• वर्तमान और पूर्व संवैधानिक पदाधिकारी।
• वर्तमान और पूर्व केंद्रीय/राज्य मंत्री।
• सांसद, विधायक, विधान पार्षद।
• सरकारी/पीएसयू के सेवारत या सेवानिवृत्त कर्मचारी।
• ₹10,000 या अधिक मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी।
• पिछले आकलन वर्ष में आयकर चुकाने वाले व्यक्ति।
• पंजीकृत पेशेवर (डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड एकाउंटेंट, वकील, आर्किटेक्ट)
यदि किसान परिवार का कोई भी सदस्य उपरोक्त श्रेणियों में आता है, तो पूरा परिवार अयोग्य हो जाता है।

पीएम किसान पंजीकरण: नए किसान कैसे करें?
ऑनलाइन पंजीकरण
1. आधिकारिक PM-KISAN वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएँ
2. ‘Farmers Corner’ में ‘New Farmer Registration’ पर क्लिक करें।
3. ‘Rural Farmer Registration’ या ‘Urban Farmer Registration’ चुनें।
4. आधार नंबर, राज्य और कैप्चा कोड दर्ज करें।
5. व्यक्तिगत विवरण, बैंक खाता जानकारी और भूमि स्वामित्व विवरण भरें।
6. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
7. OTP के माध्यम से eKYC पूरा करें।
8. फॉर्म सबमिट करें।
ऑफलाइन पंजीकरण
किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या स्थानीय कृषि कार्यालय के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
• आधार कार्ड: पहचान और eKYC के लिए अनिवार्य।
• भूमि स्वामित्व दस्तावेज़ (खसरा/खतौनी): भूमि धारक की पुष्टि के लिए।
• बैंक खाता विवरण (IFSC कोड सहित): DBT के लिए।
• आधार-लिंक मोबाइल नंबर: OTP और स्थिति अपडेट के लिए।

पीएम किसान लाभार्थी स्थिति: मोबाइल नंबर और आधार से जाँच
1. PM-KISAN पोर्टल (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएँ।
2. ‘Farmers Corner’ में ‘Beneficiary Status’ या ‘Know Your Status’ पर क्लिक करें।
3. आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
4. ‘Get Data’ पर क्लिक करें।
5. स्क्रीन पर आपकी लाभार्थी स्थिति प्रदर्शित होगी।
मोबाइल ऐप के माध्यम से स्थिति जाँच
1. PM KISAN मोबाइल ऐप डाउनलोड करें
2. ऐप पर ‘Beneficiary Status’ विकल्प चुनें
3. आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्थिति देखें
महत्वपूर्ण: यदि आपकी बेनिफिशियरी स्थिति में e-KYC के आगे ‘NO’ दिखता है, तो इसका मतलब है कि आपकी अगली किस्त रोकी जा सकती है।
पीएम किसान योजना सूची (Beneficiary List) कैसे देखें?
1. PM-KISAN पोर्टल (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएँ
2. ‘Farmers Corner’ अनुभाग में ‘Beneficiary List’ पर क्लिक करें।
3. राज्य, जिला, ब्लॉक और गाँव का चयन करें।
4. ‘Get Report’ पर क्लिक करें।
5. सभी पात्र लाभार्थियों की सूची प्रदर्शित होगी।

भुगतान में देरी या अस्वीकृति के कारण
कई सामान्य कारणों से किसान को किस्त नहीं मिल पाती है:
• eKYC पूरी नहीं: यह सबसे आम कारण है। eKYC अनिवार्य है।
• आधार और बैंक विवरण में मेल नहीं: आधार नंबर बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
• गलत IFSC कोड या बैंक खाता संख्या: DBT के लिए सही विवरण आवश्यक है।
• भूमि रिकॉर्ड राज्य डेटाबेस में अपडेट नहीं।
• नाम अपात्रता सूची में: आयकर दाता या उच्च पेंशन पाने वाले अपात्र हैं।
• डुप्लिकेट पंजीकरण: एक परिवार में एक से अधिक सदस्य पंजीकृत होने पर भुगतान रुक सकता है।
हेल्पलाइन नंबर और सहायता
यदि किसान को अपनी स्थिति के बारे में कोई समस्या है, तो वे निम्नलिखित माध्यमों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं:
• वैकल्पिक नंबर: 011-24300606
• किसान-एमित्र चैटबॉट: 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध।
• CSC केंद्र: नजदीकी CSC पर जाकर सहायता लें।
राज्य स्तरीय हेल्पलाइन भी उपलब्ध हैं: उत्तर प्रदेश (1800-180-1551), बिहार (0612-2543001), मध्य प्रदेश (1800-233-2444), राजस्थान (0141-2226500), गुजरात (1800-233-5555), महाराष्ट्र (022-22048000), पश्चिम बंगाल (033-2335-7037), हरियाणा (1800-180-2117), और पंजाब (0172-2740031)। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में कृषि विभाग के कार्यालय हैं, जहाँ किसान सीधे जाकर समस्या बता सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी (DAO) इन समस्याओं का समाधान करते हैं।
नियमित अपडेट के लिए किसान SMS अलर्ट, WhatsApp चैनल, DD Kisan चैनल, आकाशवाणी, स्थानीय अखबार, PM-KISAN पोर्टल, और मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। किसान अपना मोबाइल नंबर पोर्टल पर अपडेट रखें ताकि वे सूचनाओं से वंचित न रहें।
जटिल समस्याओं के समाधान के लिए किसान PM-KISAN पोर्टल के ‘Grievance’ सेक्शन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिला कृषि अधिकारी से मिल सकते हैं, सांसद/विधायक को पत्र लिख सकते हैं, प्रधानमंत्री कार्यालय (https://www.pmindia.gov.in/) पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, CPGRAMS पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं, या जनसुनवाई के कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं।
फ्रॉड से बचाव के लिए किसान कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को OTP या आधार नंबर न दें, केवल आधिकारिक पोर्टल (https://pmkisan.gov.in/) का उपयोग करें, किसी भी तीसरे पक्ष के ऐप पर जानकारी न डालें, CSC केंद्र पर अधिकतम ₹50 से अधिक शुल्क न दें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 155261 पर दें।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो देश के किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। eKYC अनिवार्य होने के कारण, सभी पात्र किसानों को अपनी eKYC समय पर पूरी करनी चाहिए ताकि वे योजना का लाभ उठा सकें। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हो चुकी है, जिसमें 9.44 करोड़ किसानों को ₹18,880 करोड़ वितरित किए गए। किसान PM-KISAN पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी स्थिति की जाँच कर सकते हैं और किसी भी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। यह योजना किसानों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव ला रही है और देश की कृषि व्यवस्था को सशक्त बना रही है।
भारत सरकार ने वर्ष 2026 के बजट में किस्त राशि में कोई वृद्धि नहीं की है और यह ₹6,000 प्रति वर्ष पर स्थिर बनी हुई है। फिर भी, यह योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए वित्तीय सहारा प्रदान करती रहेगी। eKYC की समय सीमा 30 जून 2026 है, इसलिए सभी किसानों को अपनी eKYC जल्द से जल्द पूरी कर लेनी चाहिए।

