बिहार के मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य विभाग ने एसकेएमसीएच अस्पताल के आसपास चल रहे अवैध नर्सिंग होम और निजी क्लीनिकों पर शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। कई संचालक मौके से फरार हो गए।
“प्रतिनिधिक तस्वीर”
यह कार्रवाई मुशहरी पीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने की। टीम ने करीब 30 से अधिक नर्सिंग होम और क्लीनिकों में जांच की। इस दौरान दस्तावेजों और चिकित्सा सुविधाओं की जांच की गई।
छापेमारी से इलाके में हड़कंप, शटर गिराकर फरार हुए संचालक
स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी की सूचना मिलते ही एसकेएमसीएच रोड और अहियापुर इलाके में अफरातफरी मच गई। कई क्लीनिक संचालकों ने अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिरा दिए और मौके से भाग निकले। किसी भी अप्रिय घटना या विरोध को देखते हुए अहियापुर थाना पुलिस भी बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रही।
न तो डॉक्टर थे, न स्टाफ; मरीज संकट में
जांच टीम को कई नर्सिंग होम क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के नियमों पर पूरी तरह से फेल मिले। कई स्थानों पर मरीज भर्ती थे, लेकिन वहां कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था। विभाग के अनुसार, गंभीर मरीजों का इलाज बिना प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सों के किया जा रहा था। कई क्लीनिकों में तो केवल कंपाउंडर और दलालों के भरोसे इलाज चल रहा था।
बिना निबंधन के हो रहा था संचालन, विभाग ने दर्ज कराई प्राथमिकी
छापेमारी में यह भी पता चला कि कई नर्सिंग होम बिना निबंधन और न्यूनतम चिकित्सा सुविधाओं के चल रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने इसे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ बताया। स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नित नर्सिंग होम को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मुरैना में हनीट्रैप गिरोह का खुलासा: एसी फिटिंग के बहाने बुलाकर व्यापारी से दस लाख की मांग

