भोपाल के इतवारा रोड स्थित नन्हे चाचा डेरी के मिक्स दूध के नमूने में डिटर्जेंट पाया गया। खाद्य विश्लेषक ने इसे असुरक्षित घोषित किया। विभाग ने डेरी का खाद्य पंजीयन निलंबित कर दिया। यहां प्रतिदिन दो सौ से तीन सौ लीटर दूध बिकता था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जल्द एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा को लेकर शनिवार को एक मामला सामने आया। इतवारा रोड पर मोहम्मद फरहान की ‘नन्हे चाचा दूध डेरी’ के मिक्स दूध के नमूने में डिटर्जेंट मिला है। खाद्य विश्लेषक की जांच रिपोर्ट में इस नमूने को ‘असुरक्षित’ बताया गया है।
रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने डेरी का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि में इस प्रतिष्ठान से दूध, मिक्स दूध या किसी अन्य खाद्य पदार्थ का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण और विक्रय पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
27 जुलाई को लिए गए थे सैंपल
विभाग के अनुसार, 27 जुलाई को इस डेरी से मिक्स दूध के नमूने लिए गए थे। इन्हें खाद्य परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। चार अगस्त को प्राप्त रिपोर्ट में मिक्स दूध में डिटर्जेंट की उपस्थिति दर्ज की गई। खाद्य विश्लेषक ने नमूने को खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से असुरक्षित माना है।
निलंबन आदेश में कहा गया है कि दूध और दुग्ध उत्पाद सीधे मानव उपयोग में आते हैं। ऐसे में मिक्स दूध में डिटर्जेंट मिलना गंभीर खाद्य सुरक्षा अनियमितता है। विभाग ने यह भी माना कि बिना जरूरी सुधार और प्रभावी नियंत्रण के कारोबार जारी रखना सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में उचित नहीं है। डेरी का लाइसेंस खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, दो हजार छह के तहत निलंबित किया गया है।
दूध कहां से आता था?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डेरी संचालक सीहोर जिले के श्यामपुर क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों से दूध मंगवाता था। यहां से प्रतिदिन करीब दो सौ से तीन सौ लीटर दूध ग्राहकों को बेचा जाता था, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक का कहना है, यह आमजन की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ है। प्राथमिक तौर पर खाद्य लाइसेंस निलंबित किया है, जल्द ही एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।







