उत्तर प्रदेश में भाजपा ने लखनऊ से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यह नहीं चलेगा कि भारत में रहें और देश के प्रतीकों, राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत का अपमान करें। यात्रा में दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज लखनऊ से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री आवास से निकली तिरंगा यात्रा लोकभवन तक पहुंची। इस यात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सहित पार्टी के सभी प्रदेश व क्षेत्रीय पदाधिकारी शामिल हुए। स्कूली छात्र-छात्राओं और समाजसेवी संस्थाओं के लोगों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत का अपमान अब बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम सब प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का मान बढ़ाने के लिए अपमान करने वालों को संगीन अपराध की सूची में रखते हुए दंडित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, ‘अब ये नहीं चल सकता कि रहेंगे भारत में लेकिन भारत के प्रतीकों को, भारत के महापुरुषों को, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को अपमानित करें।’
सीएम योगी ने कहा कि यह वर्ष इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे देश में इसका गान हो रहा है। उन्होंने आज के दिन (9 अगस्त) की ऐतिहासिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि 1925 में इसी दिन काकोरी ट्रेन एक्शन को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान ने अंजाम देकर अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं।
25 से 30 हजार युवा हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश की राजधानी में आज 25 से 30 हजार युवा इस तिरंगा यात्रा में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन सभी शहीदों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने और प्रधानमंत्री मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प है, सीएम योगी ने युवाओं को ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए कहा कि वे देश की हर चुनौती का सामना करने की सामर्थ्य रखते हैं। तिरंगा यात्रा का शुभारंभ दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा द्वारा किया जा रहा है।
तिरंगा लगाने के लिए पहले कोर्ट जाना पड़ता था
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य 1947 में होना चाहिए था, वह 75 वर्षों में क्यों नहीं हुआ? इसका कारण था कि कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस के समय में तिरंगा अपने घर पर लगाने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती थी और कोर्ट की शरण लेनी पड़ती थी। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को यह आजादी दी कि वे अपने घरों पर तिरंगा लगा सकते हैं।







