औकाफ-ए-शाही के वरिष्ठ सदस्य सिकंदर हफीज ने दावा किया है कि इस बार भोपाल के हाजियों को मक्का की रुबात में ठहरने की सुविधा मिलेगी। आवंटन 17 अक्टूबर को लॉटरी के जरिए होगा। मदीना में ठहरने का मामला अदालत में विचाराधीन है। रुबातों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का उन्होंने खंडन किया।
भोपाल के हाजियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर मक्का और मदीना की रुबातों पर चर्चा फिर से शुरू हो गई है। औकाफ-ए-शाही के वरिष्ठ सदस्य सिकंदर हफीज ने सोशल मीडिया के माध्यम से बयान दिया। उन्होंने कहा कि भोपाल वालों के लिए खुशखबरी है। इस बार मक्का की रुबात में भोपाल के हाजियों को जगह मिल जाएगी।
मक्का रुबात आवंटन की प्रक्रिया
सिकंदर हफीज के अनुसार 17 अक्टूबर को लॉटरी के जरिए रुबात का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितने हाजियों को यह सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि मक्का में हाजियों के लिए अच्छी और नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास चल रहे हैं। 17 अक्टूबर तक तैयारियां पूरी होने की उम्मीद जताई गई, रुबातों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर उन्होंने सफाई दी। उन्होंने कहा कि रुबात नहीं होने या उन्हें बेच दिए जाने की बातें सही नहीं हैं। इस साल भोपाल के हाजियों को मक्का में रुबात में ठहराने की व्यवस्था की जा रही है।
मदीना व्यवस्था और अदालती मामला
मदीना में भोपाल के हाजियों के ठहरने का मुद्दा फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। सिकंदर हफीज ने बताया कि इसका जल्द समाधान निकालने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भोपाल के लोगों से इस मामले के सुलझने के लिए दुआ करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
इस साल 29 अप्रैल को भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल से मुलाकात की थी। उन्होंने मुतवल्ली सबा अली खान पटौदी और सिकंदर हफीज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आरिफ मसूद ने औकाफ-ए-शाही के दोनों जिम्मेदारों पर गंभीर आरोप लगाए थे। सिकंदर हफीज ने उन आरोपों का खंडन किया था और आरिफ मसूद को डेढ़ करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा था।
ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार के राष्ट्रीय संरक्षक शमशुल हसन ने भी इस मुद्दे पर आरोप लगाए थे। उन्होंने 600 करोड़ रुपये के गबन का जिक्र किया था और कहा था कि भोपाल रुबात का संचालन पाकिस्तानी मूल के अहमद शहजाद कर रहे हैं।







