मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के कोलगांव में स्वामित्व योजना शुरू होने से पहले पटवारी राजेश मंडलोई ने पद का दुरुपयोग कर अपने नाम 48 और पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम 3 समेत कुल 51 आवासीय पट्टे दर्ज करा लिए। इनमें सार्वजनिक बावड़ी, बस स्टैंड का चबूतरा और ग्रामीणों के मकान भी शामिल हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के खुलासे और जांच के बाद कलेक्टर ने पटवारी को तत्काल निलंबित कर दिया है।
खंडवा जिले के कोलगांव में 17 सितंबर से लागू हुई स्वामित्व भू-अधिकार निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत ग्रामीण परिवारों को निशुल्क आवासीय भू-अधिकार और रजिस्ट्री देने का प्रावधान है। योजना शुरू होने से पहले ही यहां बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। गांव के तत्कालीन पटवारी ने सार्वजनिक संपत्तियों और ग्रामीणों की जमीनों समेत कुल 51 पट्टे अपने तथा अपनी पत्नी के नाम दर्ज करा लिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने दस्तावेजों के आधार पर यह मामला उजागर किया। उन्होंने बताया कि कोलगांव में कुल 935 आवासीय पट्टे जारी हुए। इनमें से अकेले पटवारी राजेश मंडलोई के नाम 48 और उनकी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम 3 पट्टे दर्ज मिले।
सार्वजनिक संपत्तियां भी पटवारी के नाम
ग्रामीण शुभम तोमर की शिकायत का हवाला देते हुए, बताया गया उनके घर के पीछे खाली मैदान और सार्वजनिक बावड़ी है, जहां मोटर पंप से आसपास के घरों को पानी पहुंचता है। स्वामित्व योजना के रिकॉर्ड में इस पूरे हिस्से का पट्टा पटवारी राजेश मंडलोई के नाम चढ़ा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि दो-तीन साल पहले सर्वे के दौरान पटवारी रिकॉर्ड दुरुस्त करने आए थे, लेकिन उन्होंने जमीनें खुद के नाम दर्ज कर लीं।
जांच में बस स्टैंड पर बने आरसीसी छत वाले सार्वजनिक चबूतरे को भी पटवारी के नाम पाया गया। ग्रामीण बलिराम के खसरा नंबर 530 में दर्ज रहवासी मकान को भी रिकॉर्ड में पटवारी के नाम चढ़ा दिया गया था। कई अन्य सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की जमीनें भी उनके रिकॉर्ड में मिलीं।
कलेक्टर की कार्रवाई
शिकायत के बाद खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने तुरंत जांच कमेटी गठित की। वर्तमान पटवारी राकेश पटेल ने ग्रामीणों की मौजूदगी में खसरों का स्थलीय मिलान किया तो भारी विसंगतियां सामने आईं। जांच रिपोर्ट मिलते ही कलेक्टर ने आरोपी पटवारी राजेश मंडलोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्रशासन ने कोलगांव के सभी खसरों और पट्टों की विस्तृत पुनर्गणना व जांच कर रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए हैं।







