मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की दो बहनें, जो नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाके में ट्रेकिंग के दौरान फंस गई थीं, अब सुरक्षित हैं। शुक्रवार को उनके फोन आने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
ट्रेकिंग के दौरान बिगड़े हालात
ग्वालियर की एक निजी कंपनी में काम करने वाली 26 वर्षीय पलक मांझी और नर्सिंग की पढ़ाई कर रही उनकी छोटी बहन 24 वर्षीय पल्लवी मांझी ने 21 अगस्त को नेपाल के ढोरपाटन इलाके में ट्रेकिंग के लिए यात्रा शुरू की थी। लंबे वीकेंड का फायदा उठाकर गई दोनों बहनों की यात्रा अचानक बाढ़ और भारी बारिश के कारण मुश्किल हो गई।
संपर्क टूटने से मचा कोहराम
पोखरा से आखिरी बातचीत के बाद दोनों बहनों के फोन अनरीचेबल हो गए और कोई संपर्क नहीं हो पाया। इससे अनूपपुर के कोतमा स्थित परिवार में हड़कंप मच गया। माता-पिता और भाई की नींद उड़ गई। परिवार ने दिल्ली और मध्य प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क साधा तथा रिश्तेदारों ने हरसंभव माध्यम से उनकी खोजबीन शुरू कर दी।
राहत भरी खबर
शुक्रवार को बहनों का फोन आया। उनके मामा नारायण केवल ने बताया कि नेटवर्क दिक्कतों के कारण बातचीत लंबी नहीं हो पाई, लेकिन पूरा ट्रेकिंग ग्रुप सुरक्षित भारत लौटने के लिए निकल चुका है। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों की सक्रियता ने भी इस संकट की घड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, परिवार अब अपनी बेटियों के घर लौटने का इंतजार कर रहा है। प्रशासन ने सैलानियों से मानसून के मौसम में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।







