असम में बाढ़ की स्थिति में रविवार को कुछ सुधार दर्ज किया गया है। अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में रातभर बारिश न होने से नदियों का जलस्तर घटने लगा है। राज्य के 6 जिलों में 6.54 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। 810 गांव जलमग्न हैं और 274 राहत शिविरों में 18,902 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है।
बारिश रुकने से असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत
असम में पिछले कई दिनों से जारी भीषण बाढ़ के बीच रविवार को राहत की उम्मीद जगी है। अधिकांश बाढ़ प्रभावित इलाकों में रातभर बारिश नहीं होने के कारण नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। अधिकारियों के अनुसार, ऊपरी असम के चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में जलस्तर कम हो रहा है, जिससे राहत कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, कुदरत का कहर पूरी तरह थमा नहीं है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की मध्यरात्रि में जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी छह जिलों में 6.54 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। शिवसागर बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 2.90 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। चराइदेव में 1.90 लाख और जोरहाट में 1.30 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
बाढ़ से 66 लोगों की मौत, 810 गांव जलमग्न
एएसडीएमए के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में बाढ़ से चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस वर्ष बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। शिवसागर में तीन और चराइदेव में एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य में फिलहाल 810 गांव जलमग्न हैं और 34,970.8 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के कारण विभिन्न जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी क्षति पहुंची है।
राहत कार्यों में जुटा प्रशासन, 274 शिविरों में 18,902 लोगों को आश्रय
प्रशासन ने बताया कि छह जिलों में 274 राहत शिविर एवं राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां वर्तमान में 18,902 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, पुलिस तथा अन्य एजेंसियों ने ऊपरी असम के विभिन्न क्षेत्रों से कई लोगों को सुरक्षित निकाला है।
पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ पीड़ितों के बीच 1,668.68 क्विंटल चावल, 286.99 क्विंटल दाल, 83.75 क्विंटल नमक और 7,995.01 लीटर सरसों का तेल वितरित किया गया। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों का दौरा कर राहत उपायों की समीक्षा की और अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने दी राहत का आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को असम सरकार को बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि स्थिति में कुछ सुधार हुआ है और प्रशासन लगभग सभी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में सफल रहा है। उन्होंने बताया कि ऊपरी असम में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र की एक टीम राज्य में पहुंच चुकी है।
रविवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश रुकने से बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं। हालांकि, शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि दिन के दौरान स्थिति में और सुधार होगा, जिससे राहत कार्यों को और गति मिल सकेगी।







