समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने CJP आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की तुलना अंग्रेजों से की और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर सरकार और पुलिस के रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग करते हुए बल प्रयोग के बजाय बातचीत पर जोर दिया।
सरकार और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि आंदोलनकारियों के खिलाफ आंसू गैस, लाठीचार्ज और पत्थरबाजी जैसी कार्रवाई पुलिस कर रही है, जबकि उसे सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, “मंदिर को लूटना, विश्वविद्यालयों को बंद करना और छात्रों का उत्पीड़न, ऐसा तो अंग्रेजों ने भी नहीं किया।” सपा प्रमुख ने कहा कि अंग्रेज भी आंदोलनकारियों की बात सुनते थे और महात्मा गांधी ने शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता दिखाया।
मंत्री बदलने की दी सलाह
अखिलेश यादव ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि किसी एक मंत्री को लंबे समय तक एक ही विभाग में नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “एक मंत्री को कितने दिन तक एक ही जगह बैठाकर रखेंगे? जब कोई मंत्री लंबे समय तक एक जगह पर रहता है तो अपने लोगों को सेट कर लेता है और इससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार बढ़ता है।
सरकार को दी विदाई की चेतावनी
डॉ. राम मनोहर लोहिया का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे रोटी पलटनी पड़ती है, वैसे ही सरकार और मंत्रियों को भी बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों को हटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन “कहीं ऐसा न हो कि आंदोलनकारियों की नहीं, बल्कि सरकार की ही सम्मानजनक विदाई हो जाए।







