भोपाल सेंट्रल जेल में ट्विशा शर्मा मामले के पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है। जेल मुख्यालय ने VIP ट्रीटमेंट के आरोपों को खारिज किया है। पूर्व जज की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें महिला विंग के एक विशेष बैरक में रखा गया है, जहां पहले से बुजुर्ग महिला बंदियों को रखा जाता है।

VIP ट्रीटमेंट के आरोप बेबुनियाद
भोपाल सेंट्रल जेल में ट्विशा शर्मा मामले के दो आरोपियों – सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह – को कोई VIP सुविधा नहीं दी जा रही है। जेल मुख्यालय के शीर्ष सूत्रों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि दोनों को जेल नियमों और अदालत के निर्देशों के तहत ही रखा गया है। जेल सूत्रों ने स्पष्ट किया कि न तो मुलाकात के लिए कोई अलग कमरा है और न ही दोनों को कोई विशेष सुविधा दी जा रही है।
समर्थ सिंह सामान्य बैरक में
जेल प्रशासन के अनुसार, समर्थ सिंह को बैरक नंबर 4 में रखा गया है। यहां अन्य अंडरट्रायल कैदियों की तरह ही उनके साथ व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें किसी भी प्रकार की अतिरिक्त छूट नहीं दी गई है।
पूर्व जज को अलग से रखने के पीछे सुरक्षा कारण
गिरिबाला सिंह को महिला विंग के बैरक नंबर-8 में रखा गया है। यह बैरक विशेष रूप से उन बुजुर्ग या कुछ हद तक अस्वस्थ महिला बंदियों के लिए निर्धारित है, जिन्हें अधिक निगरानी की आवश्यकता होती है। जेल सूत्रों के मुताबिक, उन्हें यहां इसलिए रखा गया है क्योंकि अदालत ने उन्हें सुरक्षित और अलग रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके पीछे सबसे अहम वजह यह है कि जिन 29 लोगों को गिरिबाला सिंह ने अपने न्यायिक कार्यकाल (15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक) में सजा सुनाई थी, वे वर्तमान में इसी जेल में बंद हैं। इसी वजह से उनके बैरक के पास अतिरिक्त गार्ड और सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी की जा रही है।
कैंटीन और अन्य सुविधाओं में समानता
जेल मुख्यालय के अनुसार, सभी सुविधाएं जेल मैनुअल के तहत ही दी जा रही हैं। कोई भी बंदी निर्धारित प्रक्रिया से जेल कैंटीन से सामान ले सकता है, और यही नियम गिरिबाला और समर्थ पर भी लागू होते हैं। इस मामले में किसी को कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी गई है।