दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जिस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े होने का आरोप है। आरोपी दिल्ली और मुंबई में बड़े हमलों की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से पाकिस्तान में बने 4 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले का खुलासा किया। स्पेशल कमिश्नर (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ला और अपर पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाह ने बताया कि यह नेटवर्क दिल्ली और मुंबई में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने की फिराक में था।

कराची में बैठा मुन्ना झिंगाड़ा था मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार, इस पूरी साजिश को कराची से ऑपरेट किया जा रहा था। इस ऑपरेशन का मुखिया कुख्यात शूटर मुन्ना झिंगाड़ा था, जो पहले अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन पर हमला कर चुका है। आरोप है कि वह ISI के इशारे पर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
दिल्ली और मुंबई के कई ठिकानों की हुई थी रेकी
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने हमलों के लिए जगहों की पहले से रेकी कर ली थी। मुंबई में दादर ब्रिज पार्क जैसे व्यस्त स्थानों को निशाना बनाने की योजना थी। इसके अलावा दिल्ली के कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों की भी रेकी की गई थी।
पाकिस्तानी ग्रेनेड बरामद
आरोपियों के पास से 4 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं, जिन पर ‘पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री’ की मुहर लगी हुई है। इन ग्रेनेडों को एनएसजी ने महरौली इलाके में ले जाकर नष्ट कर दिया।
पुलिसकर्मियों को भी बनाया था निशाना
स्पेशल सेल की जांच में यह भी पता चला है कि आतंकी सिर्फ आम नागरिकों और अहम ठिकानों को ही निशाना नहीं बनाना चाहते थे, बल्कि वह जानबूझकर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों पर हमला करने की योजना बना रहे थे।
तीन सिंडिकेट का गठजोड़
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह आतंकी मॉड्यूल तीन अलग-अलग नेटवर्क का गठजोड़ था। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI रणनीति बनाने वाली कड़ी थी, दाऊद इब्राहिम का अंडरवर्ल्ड नेटवर्क इसे जमीन पर अंजाम देने वाला था, जबकि नेपाली नेटवर्क से लॉजिस्टिक सपोर्ट और घुसपैठ के लिए मदद ली जा रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।