मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक विवाहित जोड़े ने दो दिन के अंतराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 23 वर्षीय युवती ने पहले यह कदम उठाया, जिसके दो दिन बाद उसके 25 दिन पहले शादी हुए पति का शव भी फंदे से लटका मिला। पुलिस को किसी भी घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला है और मामले की जांच जारी है।

पत्नी का शव 20 मई को मिला
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र अंतर्गत हुरावली लिंक रोड स्थित गेरू वाले बंगले के पास रहने वाली 23 वर्षीय मेघा (उर्फ ज्योति) ने 20 मई को सुबह करीब साढ़े दस से ग्यारह बजे के बीच अपने घर में दुपट्टे के फंदे से फांसी लगा ली। उस समय उसके पिता गुरुवीर सिंह किसी रिश्तेदार की गमी में गए हुए थे, जबकि मां गीता घर में मौजूद थीं। मां जब दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पहुंचीं तो बेटी का शव लटकता मिला। पुलिस ने उसी दिन शव का पोस्टमार्टम कराया।
पति का शव 22 मई को बाथरूम में मिला
मेघा की मौत के ठीक दो दिन बाद 22 मई की सुबह करीब आठ बजे उनके पति 25 वर्षीय सिद्धार्थ कांदिल का शव उनके घर के बाथरूम में मिला। सिद्धार्थ पेशे से ठेकेदार था और पत्नी की मौत के बाद से मानसिक तनाव में बताया जा रहा था। जब उनके पिता परमाल सिंह ने उन्हें कमरे में नहीं देखा तो तलाश शुरू की गई। बाथरूम अंदर से बंद था, जिसे भतीजे श्यामवीर की मदद से तोड़ा गया। अंदर सिद्धार्थ का शव साफी के फंदे से जंगले पर लटका मिला।
धूमधाम से हुई थी शादी, सिर्फ पांच दिन साथ रहे
पुलिस के अनुसार दोनों की शादी 25 अप्रैल 2026 को हुई थी। यह अरेंज मैरिज थी, जो धूमधाम से संपन्न हुई। मेघा 26 अप्रैल को ससुराल पहुंची थी, लेकिन 1 मई को वह मायके आ गई। इस तरह शादी के 25 दिनों में दोनों सिर्फ 5 दिन ही साथ रह पाए थे। परिजनों के अनुसार शादी के बाद मेघा खुश थी। मेघा के पिता गुरुवीर सिंह ने शादी में काफी खर्च भी किया था। सिद्धार्थ के परिवार ने मीडिया से दूरी बनाई हुई है और वह पोस्टमार्टम कराने के भी इच्छुक नहीं थे।
दोनों घटनास्थल सीज, डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी
मुरार और गोला का मंदिर थाना पुलिस ने 22 मई को फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम से दोनों घटनास्थलों का निरीक्षण कराया। दोनों स्थलों को सीज रखा गया है। पुलिस अब दोनों परिवारों के लोगों से पूछताछ करेगी। गोला का मंदिर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद की बात सामने आई है। दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए जाएंगे और साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल, वॉट्सऐप चैट व अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई डिजिटल सुसाइड नोट तो मौजूद नहीं है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।