MBBS छात्रा की मौत के 3 माह बाद मकान मालिक का सुसाइड

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक एमबीबीएस छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने के तीन महीने बाद उसी मकान के मालिक ने भी खुदकुशी कर ली। मृतक मकान मालिक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि छात्रा के परिजनों द्वारा झूठे मामले में फंसाने की धमकियों और पुलिस द्वारा बार-बार थाने बुलाकर घंटों बैठाए रखने के कारण उनके पति मानसिक तनाव में थे।

MBBS छात्रा की मौत के 3 माह बाद मकान मालिक का सुसाइड“प्रतिनिधिक तस्वीर”

कोहेफिजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि फरवरी माह में गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा रोशनी ने कथित तौर पर पढ़ाई के बढ़ते दबाव के चलते आत्महत्या कर ली थी।

मकान मालिक पर लगातार बन रहा था मानसिक दबाव

मकान मालिक विजय राठौर ने शनिवार देर रात अपने घर में ही आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद उनकी पत्नी करुणा राठौर ने बताया कि पिछले तीन महीनों से परिवार लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रहा था। उनके अनुसार, एमबीबीएस छात्रा की मौत के बाद उसके परिजन उनके घर आते थे और विजय राठौर को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते थे। साथ ही, पुलिस द्वारा बयान दर्ज कराने के नाम पर बार-बार थाने बुलाकर घंटों बैठाए रखने से भी वह काफी परेशान रहते थे। “पति कई बार कह चुके थे कि रोशनी के परिजन और पुलिस उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। इसी डिप्रेशन के चलते उन्होंने यह कदम उठाया,” – करुणा राठौर ने आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि उनके पति बिल्कुल निर्दोष थे, फिर भी उन्हें मानसिक यातनाएं दी गईं। करुणा ने छात्रा के परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस जांच और सुसाइड नोट का खुलासा

कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि विजय राठौर की मौत पर मर्ग कायम कर लिया गया है। फिलहाल मृतक की बेटी बेंगलुरु में है, उसके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि फरवरी में छात्रा रोशनी की मौत के बाद उसके परिजनों और मेडिकल छात्रों ने हत्या की आशंका जताते हुए कोहेफिजा थाने में धरना दिया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया था।

जांच के दौरान रोशनी के मोबाइल फोन से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने एमबीबीएस की कठिन पढ़ाई और बढ़ते दबाव को आत्महत्या का कारण बताया था। सुसाइड नोट में लिखा था- “सॉरी मम्मी-पापा, नीट निकालना आसान है, लेकिन एमबीबीएस की पढ़ाई करना उससे भी कठिन है।” पुलिस के अनुसार, यह नोट मौत से कुछ घंटे पहले रात 1 से 1:30 बजे के बीच रोशनी ने खुद को व्हाट्सएप किया था। फिलहाल पुलिस ने मकान मालिक की आत्महत्या के मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

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