जबलपुर : तालाब में कमल के डंठल से सांस ली, 5 घंटे बाद RPF ने दबोचा

जबलपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक शातिर अंतर्राज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए तालाब में पांच घंटे तक डूबकर समय बिताया और सांस लेने के लिए कमल के खोखले डंठल का इस्तेमाल किया।

जबलपुर जिले के सिहोरा रेलवे स्टेशन पर यह पूरी घटना 6 अप्रैल की सुबह करीब साढ़े चार बजे शुरू हुई। आरोपी को अब जबलपुर की विशेष रेलवे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

जबलपुर न्यूज: तालाब में कमल के डंठल से सांस ली, 5 घंटे बाद RPF ने दबोचा

"प्रतीकात्मक फोटो:

कैसे हुई वारदात और फिर शुरू हुआ पीछा

घटना 6 अप्रैल, 2026 की सुबह करीब 4:50 बजे की है। आरपीएफ के जवान सिहोरा रेलवे स्टेशन पर निवारक ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ट्रेन नंबर 11753 से उतर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा। आरोप है कि इस व्यक्ति ने ट्रेन के अंदर एक महिला के पर्स की चोरी करने की कोशिश की थी और फिर भागने लगा। आरपीएफ कर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन आरोपी ने स्टेशन के पास स्थित एक काई-युक्त तालाब में छलांग लगा दी।

तालाब में पांच घंटे तक रहा डूबा, कमल के डंठल से ली सांस

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने एक अजीबोगरीब तरीका अपनाया। वह तालाब में डूबकर घंटों तक छिपा रहा। सांस लेने के लिए उसने कमल के खोखले डंठल (lotus stem) का इस्तेमाल किया, जिससे वह पानी के भीतर रहते हुए हवा लेता रहा। आरपीएफ ने स्थानीय पुलिस की मदद ली और गोताखोरों को बुलाया। कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी का पता लगाया गया और उसे तालाब से बाहर निकाला गया। बाहर निकालने के बाद भी उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने उसे दबोच लिया। इस दौरान उसे मामूली चोटें भी आईं।

चोर की पहचान और उसका आपराधिक इतिहास

आरोपी ने शुरू में खुद को गलत पहचान बताकर जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में उसकी पहचान हरविंदर सिंह (32 वर्ष) के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हरविंदर एक कुख्यात अंतर्राज्यीय अपराधी है। वह ट्रेनों में यात्रियों से चोरी और छीना-झपटी की कई वारदातों में शामिल रहा है। वह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में सक्रिय है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 379 (चोरी) और 411 (बेईमानी से चुराई गई संपत्ति रखना) के तहत कई मामले दर्ज हैं।

क्या है चोर का तरीका?

जांचकर्ताओं के मुताबिक, हरविंदर एक निश्चित तरीके से वारदातें करता है:

वह बिना टिकट के ट्रेन में सवार होता है

महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को अपना निशाना बनाता है

पर्स, नकदी और कीमती सामान चुराता है

पकड़े जाने से बचने के लिए छोटे स्टेशनों पर उतर जाता है

वह कोई पहचान पत्र साथ नहीं रखता और अक्सर सिम कार्ड बदलता रहता है

क्या है अगली कार्रवाई?

आरपीएफ पोस्ट जबलपुर में रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कई जीआरपी यूनिटों को सूचना भेज दी गई है। आरोपी के खिलाफ जीआरपी इगतपुरी, भोपाल और इटारसी से वारंट जारी हो चुके हैं। हरविंदर सिंह को विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट (जबलपुर) के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से उसकी रिमांड की मांग की जाएगी। यह कार्रवाई "ऑपरेशन यात्री सुरक्षा" के तहत की गई, जिसका नेतृत्व IPF राजीव खरब ने किया। उनके साथ SI अरविंद और कांस्टेबल विनय मौर्य एवं आशीष यादव भी थे।

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