मुजफ्फरपुर: सात प्रखंडों में बन रहे आंबेडकर आवासीय विद्यालय, मुफ्त सुविधाएं
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सात प्रखंडों में डॉ. भीमराव आंबेडकर प्लस टू आवासीय विद्यालयों का निर्माण तेजी से चल रहा है। इन विद्यालयों में छात्रों को रहने, भोजन, यूनिफार्म और स्मार्ट क्लास सहित सभी सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जाएंगी।
"प्रतिनिधिक तस्वीर"सात प्रखंडों में हो रहा निर्माण
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि मुशहरी, सकरा, मोतीपुर, पारू, कुढ़नी, मुरौल और बोचहां (नरमा) प्रखंडों में इन विद्यालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन विद्यालयों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जहां छात्रों को एक ही परिसर में पढ़ाई और रहने की सुविधा मिलती है।
छात्राओं के लिए अलग से सुविधाएं
अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए साहेबगंज प्रखंड के जगदीशपुर में 520 सीटों वाला कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय बनाया जा रहा है। वहीं, सिकंदरपुर में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की बालिकाओं के लिए 100 सीटों वाला सावित्रीबाई फुले छात्रावास भी तैयार किया जा रहा है।
ये सुविधाएं होंगी निःशुल्क
इन विद्यालयों में छात्रों को निम्नलिखित सभी सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी:
हॉस्टल में रहने की व्यवस्था और पौष्टिक भोजन
स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और साइंस लैब
यूनिफॉर्म, किताबें, स्टेशनरी और खेल सामग्री
आधुनिक फर्नीचर और स्वच्छ वातावरण
24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा और आपातकालीन वाहन
बिहार में 40 नए विद्यालय खोलने का निर्णय
राज्य में वर्तमान में 91 आंबेडकर आवासीय विद्यालय संचालित हैं। सरकार ने 40 नए विद्यालय खोलने का निर्णय लिया है, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 720 छात्रों की होगी। यह योजना लगभग सभी 38 जिलों में लागू की जा रही है।
नामांकन के लिए पात्रता
इन विद्यालयों में नामांकन के लिए छात्र का बिहार का स्थायी निवासी होना और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित होना अनिवार्य है। कक्षा 1 में प्रवेश लॉटरी के माध्यम से होगा, जबकि कक्षा 6 और 11 में प्रवेश परीक्षा या मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा।
यह जानकारी केवल सामान्य उद्देश्यों के लिए है। अधिक जानकारी के लिए हमारे Disclaimer पेज देखें।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें