MP में नाबालिग को 2 लाख में बेचा गया, पूर्व सरपंच समेत 7 गिरफ्तार | जबलपुर मानव तस्करी
जबलपुर। मध्य प्रदेश में मानव तस्करी का एक मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को प्यार का झांसा देकर जबलपुर से शाजापुर ले जाया गया और वहां दो लाख रुपये में बेचकर उसकी शादी करा दी गई। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पूर्व सरपंच और एक पंडित शामिल हैं।
छह दिसंबर को हुई थी लड़की लापता
मामला जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र का है। छह दिसंबर 2025 को यहां से एक नाबालिग लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि लड़की को जबलपुर से लगभग 438 किलोमीटर दूर शाजापुर जिले में ले जाकर बेच दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, लड़की का एक 20 वर्षीय युवक से अफेयर था। वह उससे मिलने जबलपुर स्टेशन पहुंची थी, जहां एक अन्य व्यक्ति सुमित चौहान से उसका विवाद हो गया। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी।
कैसे हुई तस्करी? पूरी श्रृंखला का खुलासा
मनीष सपेरा ने बनाया भरोसा
स्टेशन पर नाबालिग की मुलाकात शाजापुर निवासी मनीष सपेरा से हुई। आरोप है कि मनीष ने लड़की को अपनी बातों में उलझाकर उसे अपने साथ चलने के लिए राजी कर लिया। सात दिसंबर की रात को मनीष अपने भांजे अर्जुन के साथ नाबालिग को बस से मंडला ले गया। दो दिन तक वह मंडला में रही।
मंडला से सीहोर, फिर गुना में शादी
इसके बाद मनीष और अर्जुन ने नाबालिग को सीहोर जिले के चांदबड़ में पूर्व सरपंच राकेश कोरबे को एक लाख रुपये में बेच दिया। पूर्व सरपंच ने फिर पंडित हेमराज कुमारया, हेमराज विश्वकर्मा, रायसिंह गुर्जर और जतन भाई के साथ मिलकर लड़की को गुना जिले के बसंत गांव निवासी 30 वर्षीय आकाश मेवाड़ा को दो लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद परिजनों की मौजूदगी में नाबालिग की शादी करा दी गई।
पुलिस ने किस तरह किया खुलासा?
पुलिस लगातार लड़की के मोबाइल फोन को ट्रेस कर रही थी। इसी बीच नाबालिग ने किसी तरह किसी अन्य मोबाइल से अपने दोस्त सुमित चौहान के नंबर पर कॉल कर दी, जिसके पास उसका फोन था। हालांकि सुमित ने उसकी मदद करने से इनकार कर दिया।
साइबर पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर सुमित को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आगे की कड़ियां जोड़ीं और नाबालिग तक पहुंच गई। पुलिस ने लड़की को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया और उससे शादी करने वाले युवक को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क है, जिसका संचालन पूर्व सरपंच कर रहा था। अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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