जेल में तैनात गौसेवक बंदी ने की आत्महत्या, पानी का पंप बंद करने गया था और नहीं लौटा

भोपाल। मध्य प्रदेश की भोपाल सेंट्रल जेल में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। कैदी ने जेल के अंदर स्थित गौशाला में पेड़ से रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। घटना की सूचना पर गांधीनगर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

जेल में तैनात गौसेवक बंदी ने की आत्महत्या, पानी का पंप बंद करने गया था और नहीं लौटा

जेल प्रहरी ने शव को पेड़ से लटकते देखा

पुलिस के अनुसार, मृतक कैदी की पहचान गुड्डू आदिवासी (58) के रूप में हुई है, जो रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र का मूल निवासी था। वह वर्ष 2017 से हत्या के मामले में सेंट्रल जेल में बंद था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल प्रशासन ने बताया कि गुड्डू जेल परिसर की गौशाला में गौसेवक के रूप में काम करता था। घटना रविवार शाम की है। रोजाना की तरह करीब 18 बंदी प्रहरी की निगरानी में गौशाला में गायों की देखभाल के लिए गए थे। गुड्डू ने उस दिन भी सामान्य तरीके से काम किया, नए कपड़े पहने और ट्रैक्टर भी चलाया। शाम लगभग साढ़े पांच बजे जब सभी बंदी लौट रहे थे, तब गौशाला का पानी का पंप खुला रह गया। प्रहरी ने गुड्डू को पंप बंद करने के लिए वापस भेजा।

काफी देर तक न लौटने पर मिला शव

जब गुड्डू काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो प्रहरी ने उसकी तलाश शुरू की। गौशाला के अंदर जाने पर प्रहरी ने उसे पेड़ से गायों के पैरों में बांधने वाली रस्सी के सहारे फंदे पर लटकता पाया। तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।

पारिवारिक दूरी और मानसिक तनाव का अनुमान

जेल प्रशासन के अनुसार, गुड्डू से उसके परिवार के सदस्य मिलने नहीं आते थे और वह कभी पैरोल पर भी नहीं गया था। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक दूरी और संभावित मानसिक तनाव को आत्महत्या का कारण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जेल अधिकारी से उसका किसी बात को लेकर विवाद भी चल रहा था। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

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