भोपाल : 1-30 मई तक सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक | MP News
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन ने 1 मई से 30 मई 2026 के बीच जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश कलेक्टर प्रियंक मिश्रा द्वारा जारी किया गया है, जो जनगणना के पहले चरण को समय पर और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
"प्रतिनिधिक तस्वीर"जिन कर्मचारियों पर लागू होगा प्रतिबंध
यह आदेश विशेष रूप से उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर लागू होगा, जिनकी ड्यूटी जनगणना के तहत होने वाले मकान सूचीकरण और गणना कार्य में लगाई गई है। भोपाल में इस कार्य से जुड़े 6 हजार से अधिक कर्मचारी हैं। नियमानुसार 1 मई से प्रारंभ हो रहे इस कार्य के दौरान संबंधित कर्मचारियों को किसी भी प्रकार का अवकाश नहीं दिया जाएगा।
आपात स्थिति में मिल सकती है अनुमति
हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में छुट्टी की गुंजाइश रखी गई है। यदि किसी कर्मचारी के परिवार में अत्यधिक आवश्यक कार्य या चिकित्सकीय आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो वह संबंधित विभाग प्रमुख से अनुमति लेकर ही अवकाश ले सकेगा। तहसीलदार ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित करें। प्रशासन ने इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
जनगणना कार्य का विवरण
जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से प्रारंभ होगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण और परिवारों की गणना की जाएगी। यह प्रक्रिया 30 मई तक चलेगी। इस चरण को डिजिटल रूप से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार की जनगणना विशेष रूप से डिजिटल और आधुनिक तकनीक पर आधारित है।
स्व-गणना सुविधा 30 अप्रैल तक
गौरतलब है कि जनगणना के इस प्रथम चरण के लिए स्व-गणना की सुविधा 16 अप्रैल से प्रारंभ हो चुकी है, जो 30 अप्रैल तक चलेगी। इस सुविधा का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम निवास पर स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से किया था। प्रदेश के नागरिक इस पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह जनगणना बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही आंकड़ों से बेहतर स्कूल, अस्पताल और अवसर प्रदान करने में मदद मिलेगी।

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