भोपाल: फर्जी सिक्योरिटी एजेंसी से बेरोजगार युवाओं की लाखों की ठगी
एमपी नगर थाना पुलिस के अनुसार, 19 फरवरी को नेहा यादव सहित कई युवाओं ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों ने बताया कि “एएनएसईसी सिक्योरिटी सर्विसेस” नाम की कंपनी उन्हें जॉब का झांसा देकर पैसे ऐंठ रही थी। एक पीड़िता के अनुसार, 22 जनवरी को उसे कंपनी की एचआर बनकर कॉल किया गया और इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। अगले दिन ऑफिस पहुंचने पर उससे रजिस्ट्रेशन फीस ली गई। कुछ दिनों बाद, ट्रेनिंग के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करवाने को कहा गया।
जॉइनिंग के बाद भी नहीं मिली नौकरी, टेलीकॉलिंग का दबाव
शिकायत में आगे बताया गया कि जॉइनिंग देने के बाद भी युवाओं को वादा की गई नौकरी नहीं दी गई। इसके बजाय, उनसे टेली कॉलिंग कर नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया गया। इस दौरान अलग-अलग बहानों से हजारों रुपये वसूले जाते रहे। जब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें टाला जाता रहा। बाद में जब वे ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लगा मिला और संचालक फरार थे।
जांच में खुलासा: बिना किराया चुकाए खाली किया ऑफिस
पुलिस जांच में पता चला कि यह कंपनी किराये के मकान में चल रही थी। एग्रीमेंट महिला के नाम पर था, जबकि संचालन उसका पति करता था। आरोपियों ने कई महीनों से मकान का किराया नहीं दिया था। इसके अलावा, शहर के दूसरे इलाके में लिया गया एक और मकान भी अचानक खाली कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपती के मोबाइल फोन बंद हैं, जिससे उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पुलिस कार्रवाई और अपील
एमपी नगर पुलिस ने दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना वेरिफिकेशन के किसी भी संस्था में रजिस्ट्रेशन या ट्रेनिंग शुल्क जमा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
यह जानकारी केवल सामान्य उद्देश्यों के लिए है। अधिक जानकारी के लिए हमारे Disclaimer पेज देखें।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें