शनिवार, 21 मार्च 2026

राजगढ़: जगन्नाथ मंदिर से मूर्तियां गायब, पुजारी ने उठाई प्रताड़ना की आवाज, पुलिस जांच में जुटी

राजगढ़: जगन्नाथ मंदिर से गायब हुईं भगवान की प्रतिमाएं, पुजारी ने लगाए प्रताड़ना के आरोप

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में स्थित एक जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाएं रातों-रात गायब हो गईं। सुबह मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने जब खाली सिंहासन देखा तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं पुजारी ने एक वीडियो जारी कर खुद पर हो रहे दबाव और प्रताड़ना की बात कही है।

राजगढ़: जगन्नाथ मंदिर से मूर्तियां गायब

CCTV फुटेज में पुजारी ने हटाईं मूर्तियां

मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच में सामने आया कि देर रात पुजारी विष्णुदास सखा मंदिर में आए। उन्होंने गेट बंद किया, पर्दे लगाए और भगवान की प्रतिमा के पास प्रणाम किया। इसके बाद मंदिर की लाइट और सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए। फुटेज में दिख रहा है कि वे तीनों प्रतिमाओं को अंदरूनी खिड़की से दूसरे कमरे में ले गए और फिर कार में बैठकर मंदिर परिसर से बाहर निकल गए।

पुजारी ने वीडियो जारी कर बताई मजबूरी

घटना के बाद पुजारी विष्णुदास सखा ने चलती कार में एक वीडियो रिकॉर्ड किया। उन्होंने कहा कि कई दिनों से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था, गालियां दी गईं और मारपीट भी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ लोगों ने शिकायत लिखने से रोक दिया। पुजारी ने कहा, "मैं अपनी इच्छा से नहीं जा रहा, मैं मजबूरी में भगवान को लेकर जा रहा हूं।"

अभद्रता का वीडियो भी हुआ वायरल

इस मामले में एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें भंवरलाल नाम का व्यक्ति मंदिर में आकर पुजारी से अभद्र भाषा में बात कर रहा है। वीडियो में व्यक्ति कहता है, "मंदिर में पुलिस क्यों आ रही है? हम यहां गांजा बेचेंगे, पिलाएंगे।" इस वीडियो से यह संकेत मिल रहा है कि पुजारी जिस दबाव की बात कर रहे थे, वह वास्तविक था।

मंदिर की स्थापना और विवाद की पृष्ठभूमि

यह मंदिर खिलचीपुर में सरकारी जमीन पर बने संत सोहन दास महाराज के आश्रम के पास स्थित है। वर्ष 2021 में रामनवमी के दिन जगन्नाथ पुरी से लाई गई तीनों प्रतिमाओं को यहां स्थापित किया गया था। पिछले पांच सालों से वृंदावन से आए विष्णुदास सखा यहां पूजा-सेवा कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि मंदिर की सरकारी जमीन पर कुछ असामाजिक तत्व गांजा पीने का अड्डा बनाए हुए थे और जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। पुजारी की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी, जिसके बाद यह विवाद सामने आया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मूर्तियों की खोज जारी है।

नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है। 


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