सोमवार, 30 मार्च 2026

प्रेस काउंसिल की चुनावी रिपोर्टिंग के सख्त नियम: पेड न्यूज और एग्जिट पोल पर रोक

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के मद्देनजर प्रिंट मीडिया के लिए चुनावी रिपोर्टिंग के नियम स्पष्ट कर दिए हैं। परिषद ने निष्पक्ष और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, पेड न्यूज पर पूर्ण प्रतिबंध और मतदान समाप्त होने तक एग्जिट पोल प्रकाशित न करने के निर्देश दिए हैं। यह गाइडलाइन 27 मार्च को जारी दो विज्ञप्तियों में दी गई है।

प्रेस काउंसिल ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यह आवश्यक है कि मीडिया मतदाताओं तक चुनावी अभियानों की निष्पक्ष और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहुंचाए।

प्रेस काउंसिल की चुनावी रिपोर्टिंग के सख्त नियम

पेड न्यूज पर सख्ती और परिभाषा

परिषद ने अपनी सलाह में पेड न्यूज पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उसने पेड न्यूज को स्पष्ट परिभाषा दी है: "किसी भी मीडिया (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक) में नकद या वस्तु के रूप में भुगतान के बदले प्रकाशित होने वाली कोई खबर या विश्लेषण।पीसीआई ने पेड न्यूज पहचानने के संकेत भी बताए हैं, जिनमें विभिन्न प्रकाशनों में एक जैसी खबरें, बिना सत्यापन के आरोप और किसी उम्मीदवार के पक्ष में अत्यधिक रिपोर्टिंग शामिल है।

निष्पक्षता, एग्जिट पोल और अन्य दिशानिर्देश

प्रेस काउंसिल ने समाचार पत्रों से एकतरफा या अतिरंजित रिपोर्टिंग से बचने को कहा है। साथ ही, किसी भी ऐसी सामग्री से दूर रहने की सलाह दी है जो सामाजिक या धार्मिक आधार पर लोगों के बीच दुश्मनी या घृणा को बढ़ावा दे सकती है। एग्जिट पोल को लेकर परिषद ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126A के तहत, किसी भी समाचार पत्र को आखिरी चरण का मतदान समाप्त होने तक एग्जिट पोल के सर्वेक्षण प्रकाशित नहीं करने चाहिए। परिषद ने ओपिनियन पोल और सर्वेक्षणों के प्रति भी सतर्क रहने को कहा, ताकि मतदाताओं को गुमराह न किया जा सके।

यह गाइडलाइन असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए जारी की गई है।

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