महोत्सव का आयोजन एलबीटी ऑडिटोरियम, शांति मार्ग, श्यामला हिल्स, भोपाल में होगा। तीन दिनों तक दर्शकों को अलग-अलग नाटकों का मंचन देखने का अवसर मिलेगा। पहले दिन 12 मार्च को “मंटो की कहानियों पर आधारित नाटक – इंतजार” का मंचन किया जाएगा। इस नाटक का मार्गदर्शन श्री मुकेश शर्मा द्वारा किया गया है और निर्देशन सौरभ लाठी ने किया है। इस प्रस्तुति को समांतर थिएटर ग्रुप, भोपाल द्वारा मंचित किया जाएगा।
महोत्सव के दूसरे दिन 13 मार्च को नाटक “चेहरे” का मंचन होगा। इस नाटक का निर्देशन सिस्सु धोत्रे द्वारा किया गया है और इसे पिपुल्स थिएटर ग्रुप, भोपाल प्रस्तुत करेगा। यह नाटक समाज के अलग-अलग पहलुओं और इंसानी रिश्तों को मंच के माध्यम से दर्शकों के सामने लाने का प्रयास करेगा।
महोत्सव के अंतिम दिन 14 मार्च को प्रसिद्ध नाटक “चरणदास चोर” का मंचन किया जाएगा। इस नाटक के लेखक और निर्देशक हबीब तनवीर हैं, जबकि संयोजन रामचंद्र सिंह द्वारा किया गया है। इस प्रस्तुति को नया थिएटर, भोपाल द्वारा मंचित किया जाएगा, जो अपनी दमदार रंगमंचीय प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है। सभी नाटकों की प्रस्तुति संध्या 7 बजे से होगा।
आयोजकों का कहना है कि इस महोत्सव का उद्देश्य भोपाल में रंगमंच की परंपरा को आगे बढ़ाना और युवाओं को थिएटर से जोड़ना है। कार्यक्रम से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए निर्देशक रामचंद्र सिंह से संपर्क किया जा सकता है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस तीन दिवसीय महोत्सव में बड़ी संख्या में दर्शक शामिल होकर रंगमंच की कला का आनंद लेंगे।
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