बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीन राज्यों के नेताओं के साथ की बैठक, चुनावी प्रलोभनों से बचने की अपील
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को पार्टी कार्यालय में मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ से आए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आगामी चुनावों को लेकर रणनीति पर चर्चा की और कार्यकर्ताओं को चुनाव से पहले दिए जाने वाले प्रलोभनों से सावधान रहने का निर्देश दिया।
पिछली बैठक के कार्यों की समीक्षा
मायावती ने रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में तीन राज्यों के पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में आगामी चुनावी दृष्टि से पार्टी की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई।
'प्रलोभनों से बचे रहने' की नसीहत
बैठक को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से कहा कि बहुजन समाज को अपनी अस्मिता और सत्ता में आने के लिए एकजुट होना आवश्यक है। उन्होंने चुनाव से पहले दिए जाने वाले प्रलोभनों से सावधान रहने की अपील की। उनका कहना था कि यदि कार्यकर्ता इन प्रलोभनों में आएंगे तो चुनाव बाद आने वाले दिन उनके लिए 'बुरे दिन' बन सकते हैं।
मायावती ने पार्टी के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बसपा ने उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में चार बार सरकार बनाई है। इस दौरान सर्वसमाज के जान, माल और मजहब की सुरक्षा की संवैधानिक गारंटी देते हुए कानून का राज स्थापित किया गया, जो देश में किसी अन्य पार्टी की सरकार में देखने को नहीं मिलता।
आगामी कार्यक्रमों की दी जानकारी
बैठक के दौरान मायावती ने 15 मार्च को बसपा संस्थापक कांशीराम का जन्मदिन धूमधाम से मनाए जाने पर कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने आगामी 15 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती को भी पार्टी के मिशनरी उद्देश्यों के साथ मनाने की अपील की।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें