केरल के कन्नूर जिले में वर्ष 2016 में एक बुजुर्ग महिला की हत्या और लूट के मामले में फरार चल रही दो महिला आरोपियों को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। आरोपियों की पहचान नई दिल्ली के नांगलोई निवासी परवीन बानो और उनकी बेटी सक्कीना फातिमा के रूप में हुई है। ये दोनों करीब एक दशक से फरार चल रही थीं।
क्या है पूरा मामला?
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 30 अप्रैल 2016 की है। आरोपियों ने कन्नूर के इरिक्कूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के सिद्दीक नगर में 60 वर्षीय मेरदान कुंजामिना की हत्या कर दी थी। जांच में सामने आया कि आरोपी महिलाएं कपड़ा व्यापारियों का झूठा परिचय देकर पीड़िता के घर के पास किराए पर रहने लगी थीं। धीरे-धीरे उन्होंने बुजुर्ग महिला का विश्वास जीत लिया और उससे नियमित रूप से मिलने लगीं। घटना वाले दिन सुबह, आरोपियों ने कथित तौर पर महिला को अपने किराए के मकान में बुलाया और चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने पीड़िता की गर्दन, छाती और पेट पर कई वार किए और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वे पीड़िता के पास से सवा दो सवर्ण (लगभग 30 ग्राम) सोने की चेन, एक चूड़ी और नकदी लेकर फरार हो गईं।
लंबे समय तक कैसे बचती रहीं आरोपी?
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी महिलाएं इससे पहले भी आंध्र प्रदेश में इसी तरह के एक अपराध में शामिल रही हैं, जहां से वे जमानत मिलने के बाद फरार हो गई थीं। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने कई सावधानियां बरतीं: फर्जी दस्तावेज: वे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर घर किराए पर लेती थीं। मोबाइल फोन का इस्तेमाल: अपराध को अंजाम देने से पहले ही वे अपने मोबाइल फोन को नष्ट कर देती थीं और दूसरों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल करती थीं। लगातार बदलता ठिकाना: वे एक स्थान पर लंबे समय तक नहीं रहती थीं और पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदलती रहती थीं। भाषा का कौशल: तेलुगु, कन्नड़, तमिल, मलयालम, गुजराती, हिंदी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में पारंगत होने के कारण वे विभिन्न राज्यों में बिना किसी शक के आसानी से घुल-मिल गईं।
कैसे हुआ खुलासा और गिरफ्तारी?
यह मामला 2016 में इरिक्कूर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की आशंका के चलते वर्ष 2024 में जांच राज्य अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) को सौंप दी गई। व्यापक जांच के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों का सुराग उज्जैन, मध्य प्रदेश में लगाया। स्थानीय पुलिस की सहायता से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई कन्नूर क्राइम ब्रांच एसपी पी. बालकृष्णन नायर के नेतृत्व में एक टीम ने की, जिसमें अन्य अधिकारी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों को कन्नूर में न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है।
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