गुरुवार, 12 मार्च 2026

भोपाल में ट्रेन हादसे की मॉक ड्रिल: कोच काटकर फंसे यात्रियों को निकाला बाहर

भोपाल। रेल हादसे की स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को भोपाल के सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान एक ऐसे बड़े हादसे की स्थिति बनाई गई, जिसमें ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतरकर एक-दूसरे पर चढ़ गए और उनमें यात्री फंसे हुए थे।


भोपाल में ट्रेन हादसे की मॉक ड्रिल


सुबह 11 बजे के आसपास स्टेशन मास्टर को सूचना मिली कि एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। सूचना मिलते ही रेलवे कंट्रोल रूम को अलर्ट किया गया और दुर्घटना राहत ट्रेन की मदद से बचाव दल मौके पर रवाना हो गया। कुछ ही मिनटों में रेलवे की राहत टीम और एनडीआरएफ के जवान संयुक्त अभियान चलाते हुए दिखे।

कैसे किया गया बचाव अभियान का अभ्यास?

मॉक ड्रिल के तहत दो डिब्बों को इस तरह रखा गया था मानो वे बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर एक-दूसरे पर चढ़ गए हों। बचाव दल ने सबसे पहले डिब्बों की खिड़कियों के शीशे तोड़े और अंदर झांका। इसके बाद गैस कटर की मदद से दरवाजों और डिब्बों की छत को काटकर अंदर फंसे यात्रियों (अभ्यास में शामिल लोगों) को बाहर निकाला गया। विशेष रूप से डिब्बों के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए एयरबैग का इस्तेमाल किया गया। एयरबैग की सहायता से भारी डिब्बों को उठाकर नीचे दबे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर निकाले गए घायल यात्रियों को तुरंत एम्बुलेंस और रेलवे मेडिकल टीम को सौंपा गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

अधिकारियों ने किया निरीक्षण

इस दौरान भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी भी मौजूद रहे और उन्होंने बचाव अभियान का जायजा लिया। इस तरह की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी वास्तविक रेल हादसे के दौरान राहत और बचाव कार्यों में लगने वाले समय को कम करना और सभी एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है। अधिकारियों के मुताबिक, समय-समय पर इस तरह के अभ्यास किए जाते रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें पूरी तरह तैयार रहें।

नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। समाचार लिखे जाने के समय तक प्राप्त तथ्यों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है। स्थिति में बदलाव संभव है और आधिकारिक पुष्टि के बाद अपडेट किया जा सकता है। 

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