चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि मिलों में 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। साथ ही, कालाबाजारी रोकने के लिए 30 दिन से अधिक स्टॉक रखने और 400 टन से ज्यादा भंडारण पर रोक लगाई गई है।
लखनऊ: पिछले एक महीने में चीनी की कीमतों में करीब 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश के कई बड़े शहरों में चीनी का खुदरा भाव 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ चाय-नाश्ता, मिठाई और बेकरी कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है। कानपुर, नोएडा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा और आगरा जैसे बड़े शहरों में चीनी की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। उपलब्ध खुदरा बाजार से मिली जानकारी के अनुसार 20 अगस्त को खुदरा बाजार में चीनी का भाव करीब 67-68 रुपये प्रति किलो तक दर्ज किया गया।
चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?
सवाल उठने लगा कि चीनी मिलना बंद हो जाएगी क्या, इतना भाव क्यों बढ़ रहा है और क्या सरकार के पास स्टॉक नहीं बचा है? दरअसल, चीनी की कीमत केवल खुदरा मांग से तय नहीं होती। गन्ने की उपलब्धता, चीनी मिलों का उत्पादन, बाजार में स्टॉक, मांग-आपूर्ति का संतुलन और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति जैसे कई कारक इसके भाव को प्रभावित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अगस्त में चीनी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।
सरकार के पास कितना है चीनी का स्टॉक?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी उपलब्धता को लेकर समीक्षा की और लोगों को आश्वस्त करते हुए बताया कि चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसलिए परेशानी वाली कोई बात नहीं है, इनमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल भंडार उपलब्ध है।
कालाबाजारी पर सख्ती, बड़ी कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चीनी की कालाबाजारी करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकता। साथ ही, किसी भी डीलर द्वारा 400 टन से ज्यादा चीनी का भंडारण करने पर एस्मा के तहत नियम के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में किसानों को रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया गया है। 48 लाख किसानों को 3217 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 15 अक्टूबर से गन्ने का नया पेराई सत्र शुरू होने जा रहा है, जिससे चीनी की आपूर्ति और मजबूत होगी। ऐसे में चीनी के खत्म होने का कोई संकट नहीं है।







